नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः 11,200 करोड़ रुपए निवेश, 1.38 लाख वर्ग मीटर में फैला, हर साल 1.2 करोड़ यात्री आएंगे?, 3,900 मीटर लंबा रनवे, जानिए खासियत
By राजेंद्र कुमार | Updated: March 27, 2026 18:03 IST2026-03-27T17:47:17+5:302026-03-27T18:03:12+5:30
Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे.

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नोएडाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ करेंगे.नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण समारोह की सारी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को सुबह करीब 11:30 बजे टर्मिनल भवन का निरीक्षण कर नोएडा एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी वहां मौजूद होंगे. दोपहर करीब 12 बजे वह जनसभा को संबोधित करेंगे. अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी की इस जनसभा को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए है.
यह भी बताया गया है कि पीएम मोदी की इस जनसभा में बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. यही नहीं इन जनसभा में काला गमछा और काली टोपी पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. ताकि जनसभा के दौरान कोई काला गमझा लहराकर विरोध ना कर सके.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की खासियत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 11,200 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार हुआ है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया गया है. यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 1,334 हेक्टेयर में फैला है, यह एयरपोर्ट. इस एयरपोर्ट का टर्मिनल-वन करीब 1.38 लाख वर्ग मीटर में फैला है और शुरुआती क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की है.
भविष्य में इसे बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक ले जाने की योजना है, जो इसे देश के सबसे बड़े एविएशन हब्स में शामिल कर सकती है. 3,900 मीटर लंबा रनवे बड़े विमानों के संचालन के लिए सक्षम है और आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस है. इस एयरपोर्ट की कल्पना यूपी के प्रमुख सचिव सिविल एविएशन रहे शशांक शेखर सिंह ने की थी.
शशांक शेखर सिंह पायलट थे और वह मुख्यमंत्री का प्लेन और हेलीकॉप्टर चलाते थे. उन्होने ने ही मुलायम सिंह यादव, मायावती, राजनाथ सिंह की सरकार में केंद्र सरकार को नोएडा में एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए पत्र लिखा था. वर्षों तक जब केंद्र सरकार ने इस संबंध में यूपी के प्रस्ताव की अनदेखी की तो उन्होंने वर्ष 2011 में नोएडा में एविएशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा था.
उनके ही इस प्रस्ताव में बदलाव कर यूपी की सत्ता पर काबिज होने के बाद योगी सरकार ने केंद्र को भेजा था, जिस पर मोदी सरकार की भी अपनी सहमति जता दी. अब 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का शुभारंभ पीएम मोदी के हाथों होगा.
सीएम रात में एयरपोर्ट के करेंगे निरीक्षण
नोएडा का पुलिस प्रशासन प्रधानमंत्री मोदी के शनिवार को होने वाले कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन और मंच निर्माण तथा जनसभा स्थल की सजावट और आम जनता की सुविधाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दे रहा है. पीएम के कार्यक्रम को लेकर नोएडा और उसके आसपास लोग जाम आदि में ना फंसे इसके भी प्रबंध किए गए है. शुक्रवार को नोएडा की डीएम मेधा रूपम, यीड़ा के सीईओ आरके सिंह, एयरपोर्ट के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया ने तैयारियों की समीक्षा की.
अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी शनिवार को विशेष विमान से नोएडा एयरपोर्ट पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम को ग्रेटर नोएडा पहुंच जाएंगे. देर रात वह एयरपोर्ट साइट पर भी जायेंगे और पीएम के कार्यक्रम को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा करेंगे. मुख्यमंत्री नोएडा में ही आज जीबीयू के गेस्ट हाउस में रुकेंगे.
बड़ी संख्या में जनसभा में पहुंचेगे लोग
अधिकारियों के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे. एयरपोर्ट के लोकार्पण में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमान मौजूद रहेंगे. पीएम मोदी की जनसभा में एक लाख लोगों के पहुंचने के दावा किया जा रहा है.जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं.
अभी से कार्यक्रम स्थल के आसपास चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बिना अनुमति किसी को भी कार्यक्रम स्थल के भीतर जाने की इजाजत नहीं होगी. बताया जा रहा है कि मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है और हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है और यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है.
यह भी तय हुआ है कि कार्यक्रम स्थल और जनसभा में किसी को भी बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों का उपयोग करने नहीं दिया जाएगा. बीड़ी, सिगरेट एयर तंबाकू लेकर आने वाले व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल और जनसभा स्थल में जाने नहीं दीता जाएगा. यही नहीं काला गमछा और काली टोपी पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.