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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत खाद्यान्न के दाम में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं: गोयल

By भाषा | Updated: February 18, 2021 22:38 IST

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नयी दिल्ली, 18 फरवरी केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत राशन की दुकानों के जरिये सस्ती दरों पर बेचे जाने वाले खाद्यान्न की कीमत बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

इस कानून के तहत फिलहाल सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये 81 करोड़ लोगों को 1 से 3 रुपये किलो की दर से अनाज उपलब्ध करा रही है।

पूर्व संप्रग शासन के दौरान वर्ष 2013 में पारित एनएफएसए के तहत हर तीन साल पर खाद्यान्न के निर्गम मूल्य की समीक्षा का प्रावधान किया गया है। हालांकि कानून के अमल में आने के बाद कीमत की समीक्षा नहीं की गयी है जबकि आर्थिक लागत हर साल बढ़ रही है।

गोयल ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आबंटित खाद्यान्न की कीमत में वृद्धि को लेकर फिलहाल खाद्य मंत्रालय के सामने कोई प्रस्ताव नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि राशन की दुकानों के जरिये चावल, गेहूं और मोटा अनाज क्रमश: 3 रुपये, 2 रुपये और 1 रुपये में बेचा जाना जारी रहेगा।

उनसे यह पूछा गया था कि क्या केंद्र की पीडीएस दरों को बढ़ाने की योजना है क्योंकि 2020-21 की आर्थिक समीक्षा में खाद्य सुरक्षा बिल में कमी लाने के लिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिये बेचे जाने वाले खाद्यान्न के दाम में वृद्धि की सिफारिश की गयी है।

सरकार देश में 5.5 लाख सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिये प्रति व्यक्ति 5 किलो सब्सिडीयुक्त खाद्यान्न लोगों को उपलब्ध करा रही है। एनएफएसए देश भर में नवंबर 2016 से लागू हुआ।

राशन कार्ड के देश में कहीं भी चलने (पोर्टेबिलिटी) की योजना में प्रगति के बारे में मंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में एक देश, एक राशन कार्ड योजना पर दो साल पहले काम शुरू हुआ। यह सुविधा 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है।

इस योजना के तहत लाभार्थी ‘इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) युक्त पीडीएस दुकानों से अपने मौजूदा राशन कार्ड से बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिये रूचि के हिसाब से कहीं से भी खाद्यान्न ले सकते हैं।

गोयल ने कहा, ‘‘दो साल पहले, इस पर काम शुरू हुआ था। उस समय यह चार राज्यों में लागू हुआ था। लेकिन बहुत कम समय में यह सुविधा 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में दी जा रही है। इसके अंतर्गत करीब 69 करोड़ लाभार्थी आ चुके हैं।’’

उन्होंने कहा कि चार और राज्य 31 मार्च तक एक देश, एक राशन कार्ड योजना को क्रियान्वित कर सकते हैं। ‘‘दिल्ली, असम, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में काम जारी है। असम और छत्तीसगढ़ में चुनाव के कारण इसमें 2-3 महीने का समय लग सकता है।’’

अनाज की खरीद के बारे में मंत्री ने कहा कि किसानों से सीधे गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद में पिछले सात दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि 2020-21 के दौरान एमएसपी भुगतान अबतक का सबसे ऊंचा रहा है। गेहूं 75,000 करोड़ रुपये मूल्य का 43.46 लाख किसानों से जबकि 1.72 लाख करोड़ रुपये मूल्य का धान 1.54 करोड़ किसानों से खरीद गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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