एनसीएलटी ने देवास मल्टीमीडिया के परिसमापन का निर्देश दिया
By भाषा | Updated: May 30, 2021 15:57 IST2021-05-30T15:57:12+5:302021-05-30T15:57:12+5:30

एनसीएलटी ने देवास मल्टीमीडिया के परिसमापन का निर्देश दिया
नयी दिल्ली, 30 मई राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के आवेदन को स्वीकार करते हुए देवास मल्टीमीडिया की परिसमान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ ने कहा कि देवास मल्टीमीडिया का गठन एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के तत्कालीन अधिकारियों के साथ साठगांठ कर फर्जीवाड़ा करने के उद्देश्य से किया गया। इसका मकसद 2005 में समझौते के जरिये कंपनी से बैंडविद्थ हासिल करना था जिसे बाद में सरकार ने रद्द कर दिया।
न्यायाधिकरण ने 19 जनवरी को अस्थायी तौर पर नियुक्त किये गये परिसमापक की भी पुष्टि की और उन्हें कंपनी की धोखाधड़ी गतिविधियों और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने से रोकने के लिए उसके परिसमापन के लिये तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘एंट्रिक्स के तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलीभगत और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने, भारत में पैसा लाने और इसे संदिग्ध तरीकों से विदेशों में हस्तांतरित करने के लिए देवास का गठन गलत तथा गैरकानूनी उद्देश्य के साथ किया गया था।
एनसीएलटी ने कहा कि भारत सरकार ने संप्रभु शक्तियों का उपयोग कर नीतियों में बदलाव किया। इसमें सवालों के घेरे में आये समझौते को रद्द करना शामिल है।
न्यायाधिकरण के सदस्य आर राव विट्टानाला और आशुतोष चंद्रा की पीठ ने 25 मई को अपने आदेश में कहा, ‘‘मामले में उक्त तथ्यों तथा परिस्थितियों पर विचार करने के बाद न्यायाधिकरण को मिले अधिकार का उपयोग करते हुए देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसमान का आदेश देकर कंपनी की याचिका स्वीकार की जाती है।’’
पीठ ने परिसमापक को सात जुलाई को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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