देश भर में 6,967 पंप?, पेट्रोल ₹5 और डीजल 3 रुपये लीटर महंगा?, सबसे बड़ी निजी ईंधन कंपनी 'नायरा एनर्जी' ने देशवासियों को दिया झटका
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 26, 2026 16:48 IST2026-03-26T16:42:12+5:302026-03-26T16:48:37+5:30
भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।

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नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन कंपनी 'नायरा एनर्जी' ने बृहस्पतिवार को पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बाद वैश्विक तेल कीमतों में आई हालिया उछाल का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का यह कदम है। भारत में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में हैं, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू हुए थे, जिसके बाद तेहरान ने व्यापक जवाबी कार्रवाई की थी। इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि नायरा एनर्जी, जो भारत के 102,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 का संचालन करती है। इनपुट लागत में हुई वृद्धि का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने इस खबर पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी पीएलसी के संयुक्त उद्यम जियो-बीपी के 2,185 आउटलेट हैं। पेट्रोल और डीजल की बिक्री में भारी नुकसान उठाने के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। बाजार के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार रूस की रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली नायरा ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, लेकिन प्रभावी वृद्धि की दर राज्यों के अनुसार अलग-अलग है, जो वैट जैसे स्थानीय करों पर निर्भर करती है। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत में निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को कीमतों में बढ़ोतरी न करने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिलता, जबकि सरकारी कंपनियों को 'अच्छे कॉर्पोरेट नागरिक' के रूप में कार्य करने के लिए सहायता दी जाती है। बढ़ते नुकसान के कारण उनके पास खुदरा कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर हैं। सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) कच्चे तेल की ऊंची कीमतों पर नुकसान उठाती हैं और कम कीमतों पर मुनाफा कमाती हैं।
पिछले हफ्ते इन तीनों खुदरा विक्रेताओं ने प्रीमियम या उच्च श्रेणी के पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाले थोक डीजल की कीमत में लगभग 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।