MP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 31, 2026 14:39 IST2026-03-31T14:38:25+5:302026-03-31T14:39:19+5:30

MP-UP Sahyog Sammelan: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

MP-UP Sahyog Sammelan MP and UP together write new chapter development CM Dr. Mohan yadav takes refuge in Baba Vishwanath | MP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

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Highlightsएमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के लिए वाराणसी पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव।भीड़ प्रबंधन-दर्शन व्यवस्था-मोबाइल ऐप सहित पूरे सिस्टम का किया अवलोकन।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक नगरियों में बदल रहा लोगों का जीवन।

वाराणसीः मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे। वाराणसी पहुंचने पर उत्तरप्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने उनका स्वागत किया।  इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव सहित वाराणसी के जनप्रतिनिधि तथा जिला अधिकारी उपस्थित थे।  सीएम डॉ. यादव ने यहां बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। उन्होंने यहां क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया।

उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भीड़ प्रबंधन पर विशेष प्रस्तुतियां देखीं। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ भी बैठक की। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से जुड़ीं कई अहम जानकारियां भी लीं। गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को और मजबूत करना है। इस प्रवास के दौरान उन्होंने मां गंगा के कई तटों का अवलोकन भी किया। उन्होंने गंगा की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ संवाद भी किया।

इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रबंधन बहुत अच्छा लगा। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। उसके साथ ही, यहां के निवासियों ने इस निर्णय को स्वीकार बड़ा योगदान दिया। पूरे विश्व की भगवान शंकर पर आस्था है। 

धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओडीओपी को लेकर उत्तर प्रदेश में बहुत अच्छा काम हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम का इसमें बड़ा योगदान है। हमारी सरकार भी इस पर बड़ा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम इस पर चर्चा करेंगे कि दोनों राज्यों के बीच क्या बेहतर हो सकता है।

हम धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ लघु उद्योगों पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत रही है, उसी तरह मध्यप्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी साड़ी सहित लघु उद्योगों पर काम हो रहा है। 

लोगों की जिंदगी बदलने पर विचार-विमर्श

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं। हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है। सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है। सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ को लेकर योजनाओं-जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे।

इसके लिए हम एमओयू भी साइन करेंगे। हम प्रयास करेंगे कि दर्शन के लिए जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले। यहां हाल ही में प्रयागराज कुंभ हुआ है और उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। ऐसे में सुगमता बनी रहे, सारी व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए हमने प्रजेंटेंशन भी देखा। हम इस बात का भी अध्ययन कर रहे हैं कि भविष्य में और क्या किया जा सकता है।

गरीबों की जिंदगी बेहतर करना उद्देश्य

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां एक और कारण से भी आया हूं। दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों की जिंदगी बेहतर हो, उत्पादों की सही कीमत मिले, राज्य की समृद्धि हो-देश की समृद्धि हो, इसके लिए लघु उद्योगों के बीच कैसा समन्वय बनाया जाए, इसका भी अध्ययन किया जाएगा। इसे लेकर हमारा रोड शो भी होने वाला है।

उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में रिसर्च चल रही है, सरकार उसके लिए फैलोशिप भी दे रही है। उनके जीवन के विराट व्यक्तित्व पर बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-4-5 अप्रैल को महानाट्य का मंचन किया जाएगा। इसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे।

हम इस महानाट्य की विधा को दोबारा जीवंत कर रहे हैं। वो समय चला गया जब राज्यों के बीच कटुता होती थी, अब सौहाद्र का समय है। हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर परियोजना पर उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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