लाइव न्यूज़ :

एक्शन में मोदी सरकार, चीन पर शिकंजा, कम कीमत वाले कब्जे और रोलर चेन आयात प्रतिबंध

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 26, 2025 21:55 IST

कब्जे का आयात मुख्य रूप से चीन, इटली और जर्मनी जैसे देशों से किया जाता है, जबकि चेन का आयात चीन, जर्मनी और जापान से किया जाता है।

Open in App
ठळक मुद्देसाइकिल, मोटरसाइकिल और प्रिंटिंग प्रेस सहित विभिन्न मशीनों में किया जाता है।कब्जे की कीमत 280 रुपये प्रति किलोग्राम से कम है, तो आयात प्रतिबंध लागू होंगे। 235 रुपये प्रति किलोग्राम से कम मूल्य वाले रोलर चेन और पुर्जों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है।

नई दिल्लीः सरकार ने सोमवार को चीन जैसे देशों से सस्ते आयात को हतोत्साहित करने के लिए एक निश्चित मूल्य से कम कीमत वाले कब्जे और रोलर चेन पर आयात प्रतिबंध लगा दिया। कब्जा एक हार्डवेयर घटक हैं, जिसका इस्तेमाल दरवाजे के पल्ले को फ्रेम से जोड़ने के लिए किया जाता है। रोलर चेन का उपयोग साइकिल, मोटरसाइकिल और प्रिंटिंग प्रेस सहित विभिन्न मशीनों में किया जाता है।

सरकार ने कहा कि अगर कब्जे की कीमत 280 रुपये प्रति किलोग्राम से कम है, तो आयात प्रतिबंध लागू होंगे। इसी तरह अगर रोलर चेन की कीमत 235 रुपये प्रति किलोग्राम से कम है, तो प्रतिबंध लागू होंगे। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अधिसूचना में कहा, ‘‘280 रुपये प्रति किलोग्राम से कम कीमत वाले कब्जे का आयात प्रतिबंधित है।’’

महानिदेशालय ने एक अन्य अधिसूचना में कहा कि 235 रुपये प्रति किलोग्राम से कम मूल्य वाले रोलर चेन और पुर्जों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन दोनों वस्तुओं के आयातकों को आयात मूल्य तय दरों से कम होने पर डीजीएफटी से अनुमति लेनी होगी। कब्जे का आयात मुख्य रूप से चीन, इटली और जर्मनी जैसे देशों से किया जाता है, जबकि चेन का आयात चीन, जर्मनी और जापान से किया जाता है।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीचीन
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित