नए आयकर कानून लागू होने पर पैन कार्ड नियमों में होगा बड़ा बदलाव, आसान शब्दों में समझे यहां
By अंजली चौहान | Updated: February 13, 2026 05:47 IST2026-02-13T05:47:09+5:302026-02-13T05:47:09+5:30
New Income Tax Draft Rules: आयकर नियम, 2026 के मसौदे में पैन के उपयोग के नियमों में बदलाव प्रस्तावित हैं। इससे आपके दैनिक वित्तीय लेन-देन प्रभावित होंगे, जिनमें बैंक खातों से नकद निकासी और जमा, कार/बाइक और संपत्ति की खरीद और होटल बिलों का भुगतान शामिल है।

नए आयकर कानून लागू होने पर पैन कार्ड नियमों में होगा बड़ा बदलाव, आसान शब्दों में समझे यहां
New Income Tax Draft Rules: फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के नए नियम से पैन कार्ड से जुड़े नियमों में कई बदलाव होने वाले है। यह ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 में प्रपोज किया गया है। इससे आपके रोजाना के फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन पर असर पड़ेगा, जिसमें बैंक अकाउंट से कैश निकालना और जमा करना, कार/बाइक और प्रॉपर्टी खरीदना, और होटल बिल का पेमेंट शामिल है। आइए जानते हैं इनके बारे में...,
होटल/रेस्टोरेंट बिल
अभी, होटल या रेस्टोरेंट को एक बार में ₹50,000 से ज्यादा के कैश पेमेंट के लिए PAN जरूरी है। ड्राफ्ट रूल्स में कहा गया है कि यह लिमिट बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि ₹1 लाख से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए PAN जरूरी होगा। इससे कम्प्लायंस कम हो जाएगा।
मोटर व्हीकल ट्रांजैक्शन
अभी, स्कूटर और बाइक को छोड़कर सभी गाड़ियों से जुड़े ट्रांजैक्शन के लिए PAN ज़रूरी है। इन ट्रांजैक्शन के लिए कोई तय लिमिट नहीं है। ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स में कहा गया है कि ₹5 लाख से ज्यादा कीमत वाली गाड़ियों से जुड़े ट्रांजैक्शन के लिए PAN जरूरी होगा, जिसमें टू-व्हीलर भी शामिल हैं। यह नियम ट्रैक्टर पर लागू नहीं होगा।
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम
अभी, अगर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का सालाना प्रीमियम ₹50,000 से ज्यादा है तो PAN जरूरी होता है। ड्राफ्ट रूल्स में कहा गया है कि अब सभी अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप के लिए PAN जरूरी होगा। इसका मतलब है कि लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम से जुड़े ट्रांजैक्शन कवर होंगे।
प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन
अभी, ₹10 लाख से ज्यादा के प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन के लिए PAN जरूरी है। ड्राफ्ट रूल्स इस लिमिट को बढ़ाकर ₹20 लाख कर देते हैं। इससे कम वैल्यू वाले प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन के लिए कम्प्लायंस कम हो जाएगा।
बैंक/पोस्ट ऑफिस से विड्रॉल
अभी, एक फाइनेंशियल ईयर में ₹20 लाख से ज्यादा के कैश विड्रॉल की रिपोर्ट करना जरूरी होता है। ड्राफ्ट रूल्स में इस लिमिट को घटाकर ₹10 लाख कर दिया गया है। यह कदम टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाया गया है।