कश्मीर मौसमः ताजा बारिश और बर्फ से राहत, गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी से पर्यटक खुश, ईद के दिन बाजार में रौनक?
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 21, 2026 11:52 IST2026-03-21T11:50:54+5:302026-03-21T11:52:14+5:30
Kashmir weather: श्रीनगर शहर में अधिकतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य 16 डिग्री से छह डिग्री से भी अधिक कम है। उस दिन अधिकतम तापमान मौसमी औसत से 3-7 डिग्री कम बताया गया।

file photo
Kashmir: गर्म सर्दियों का अनुभव करने के बाद, कश्मीर अब हाल की बारिश और बर्फबारी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से कम स्तर देख रहा है, जो फसलों और फूल वाले पौधों के लिए शुभ संकेत हो सकता है। पिछले रविवार से, घाटी के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हुई है, जबकि अधिक ऊंचाई वाले कई क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटक स्थलों के साथ-साथ कश्मीर के ऊपरी इलाकों में विभिन्न स्थानों पर रात भर बर्फबारी हुई। नतीजतन, घाटी के पहाड़ और पहाड़ियां अब बर्फ की ताज़ा, बेदाग परतों से ढकी हुई हैं।
इस नम मौसम के कारण पूरे कश्मीर में दिन के तापमान में गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों से, बादल छाए रहने के कारण घाटी में दिन ठंडे और रातें गर्म रही हैं। गुरुवार को, श्रीनगर शहर में अधिकतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य 16 डिग्री से छह डिग्री से भी अधिक कम है। उस दिन अधिकतम तापमान मौसमी औसत से 3-7 डिग्री कम बताया गया।
हालांकि, न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग दो डिग्री अधिक था। दिन के तापमान में यह गिरावट हाल के हफ्तों में घाटी में देखे गए असामान्य रूप से उच्च तापमान से एक बदलाव को दर्शाती है। इस सर्दी में बारिश में भारी कमी देखी गई, जिसमें जम्मू और कश्मीर ने लगातार सातवीं बार सर्दियों की बारिश में कमी दर्ज की।
दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक की मुख्य सर्दियों की अवधि सामान्य से 65 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी के साथ समाप्त हुई, जिसमें सामान्य 284.9 मिमी की तुलना में केवल 100.6 मिमी वर्षा हुई।
दिसंबर में वास्तविक वर्षा 13.0 मिमी थी, जबकि सामान्य 59.4 मिमी थी, जिसके परिणामस्वरूप 78 प्रतिशत की कमी हुई।
जनवरी में, इस क्षेत्र में सामान्य 95.1 मिमी के मुकाबले 73.4 मिमी वर्षा हुई, जो 23 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। हालांकि जनवरी में कुछ पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों ने मौसम की बारिश के पूरी तरह से खत्म होने को रोक दिया, फिर भी कुल वर्षा सामान्य से कम रही और दिसंबर की कमी की भरपाई नहीं कर सकी।
फरवरी में असल बारिश सिर्फ 14.2 मिमी हुई, जबकि सामान्य तौर पर यह 130.4 मिमी होती है। इसकी वजह से 89 प्रतिशत की कमी हुई और मौसम असामान्य रूप से गर्म रहा, जिसमें तापमान अक्सर सामान्य स्तर से 10 डिग्री से ज़्यादा ऊपर चला गया। मार्च के शुरुआती हफतों में, दिन का तापमान भी सामान्य से कई डिग्री ज्यादा रहा।
इतिहास में पहली बार, गुलमर्ग के मशहूर स्की रिजार्ट में मार्च के पहले हफते में तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 13.7 डिग्री अधिक है। मार्च महीने के लिए इस रिजार्ट का अब तक का सबसे अधिक तापमान 18 डिग्री सेल्सियस है। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश की वजह से दिन का तापमान कम हो गया है और फ़िलहाल सामान्य से नीचे है।
जानकारों का मानना है कि यह मौसम पौधों के लिए अधिक बेहतर है, क्योंकि अधिक तापमान की वजह से कुछ प्रजातियों में वसंत के फूल जल्दी खिल गए थे। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलाजी की कृषि-मौसम विज्ञानी समीरा कयूम बताती थीं कि जहां भी अभी तक फूल नहीं खिले हैं, वहां के लिए मौजूदा मौसम फायदेमंद है।
कम तापमान की वजह से कलियां देर से खिलेंगी और फूल सामान्य समय पर आएंगे। कयूम ने बताया कि अभी तक अधिक फूल नहीं खिले हैं और न ही परागण हुआ है, इसलिए बारिश का कोई बड़ा बुरा असर पड़ने की संभावना कम है, जैसे कि फूलों का झड़ना। उनका कहना था कि बारिश का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा,
लेकिन अगर तापमान लगातार गिरता रहा, तो इससे परागण में देरी हो सकती है और फूलों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि इस सर्दियों में मौसम का मिजाज असामान्य रहा है, लेकिन उम्मीद है कि तापमान स्थिर हो जाएगा और सामान्य स्तर पर लौट आएगा।
याद रहे इस साल ज्यादा तापमान की वजह से ट्यूलिप के फूल जल्दी खिल गए, जिसके चलते कश्मीर का मशहूर ट्यूलिप गार्डन भी समय से पहले ही खुल गया। कयूम ने यह भी बताया कि अगर तापमान औसत बना रहता है, तो बारिश की वजह से ट्यूलिप के फूलों की उम्र बढ़ सकती है।