लाइव न्यूज़ :

इंडोस्टार कैपिटल मार्च 2022 तक बंद करेगा कॉरपोरेट ऋण कारोबार

By भाषा | Updated: November 29, 2020 15:53 IST

Open in App

मुंबई, 29 नवंबर गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस मार्च 2022 तक कॉरपोरेट को कर्ज देने का काम पूरी तरह से बंद कर देगी। कंपनी के कार्यकारी वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी आर. श्रीधर ने यह बात कही।

इंडोस्टार की प्रवर्तक वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधक ब्रुकफील्ड और निजी इक्विटी कंपनी एवरस्टोन हैं।

कंपनी ने कहा कि वह पिछले दो साल से अपने कॉरपोरेट कर्ज कारोबार को समेट रही है। बीते दो सालों में उसने करीब 3,500 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट कर्ज की वसूली की है।

श्रीधर ने पीटीआई-भाषा के साथ एक बातचीत में कहा, ‘‘वर्ष 2018 में हमारा कॉरपोरेट को कर्ज 6,000 करोड़ रुपये था। अब यह घटकर 2,500 करोड़ तक आ गया है। यह लगभग 60 प्रतिशत की कमी है। मार्च 2022 तक हमने अपने थोक और कॉरपोरेट को दिया कर्ज शून्य करने का लक्ष्य रखा है।’’

उन्होंने कहा कि कंपनी अपना ध्यान खुदरा श्रेणी के कर्ज वितरण पर देती रहेगी। मौजूदा समय में कंपनी के कुल कर्ज का करीब 73 प्रतिशत खुदरा श्रेणी में जबकि 27 प्रतिशत कॉरपोरेट श्रेणी में है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

कारोबार अधिक खबरें

कारोबाररुपये की तेज छलांग! 2013 के बाद सबसे बड़ा उछाल

कारोबारGold Rate Today: 6 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?