लाइव न्यूज़ :

भारतीय उद्योग जगत ने कोविड संकट काल में कर्मचारियों की मदद के लिये आगे बढ़ाये हाथ

By भाषा | Updated: May 16, 2021 23:32 IST

Open in App

मुंबई 16 मई देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय उद्योग जगत अपने कर्मचारियों उनके परिवार की मदद के लिये आगे आया है। इसके साथ ही वह सरकारों की सहायता करने के लिये कदम उठा रहा हैं। अनेक कंपनियां कोविड महामारी से संक्रमित कर्मचारियों के परिवारों को वित्तीय मदद, दवायें और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

उद्योग जगत ने केवल अपने कर्मचारियों के प्रति ही नहीं बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों तथा स्थानीय प्रशासन समेत गैर सरकारी संगठनों को भी भारी वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सके।

इसकी शुरुआत कांच का सामान बनाने वाली कंपनी बोरोसिल ने की जिसने इस महीने की शुरुआत में कोरोना महामारी से मरने वाले अपने चार कर्मचारियों के परिवारों को दो साल का वेतन दिया। अब कई और बड़ी तथा छोटी कंपनियां अपने कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को वित्तीय, चिकित्सा और शैक्षिक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

बोरोसिल समूह के प्रबंध निदेशक श्रीवर खेरुका ने एक मई को कहा था कि कोरोना संक्रमण के कारण मरने वाले चार कर्मचारियों के परिजनों को शैक्षिक, चिकित्सा और बीमा सहायता के अलावा दो साल के वेतन की सहायता दी जायेगी।

इसी तरह के कदम दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर ने भी लिए हैं और अपने कर्मचारियों को मदद प्रदान की है।

दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ने कोरोना के कारण मरने वाले कर्मचारियों के परिजनों को दो वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान करने और बच्चों को शिक्षा समेत चिकित्सीय खर्च उठाने की घोषणा की।

रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा समूह ने भी महामारी के कारण जान गवांने वाले कर्मचारियों के परिवार को 12 महीने का वेतन और अन्य सहायता देने की घोषणा की है। अक्षय ऊर्जा कंपनी रिन्यू पावर ने कोरोना के कारण जान गवांने वाले एक कर्मचारी को तीन महीने का पूरा वेतन और परिवार को अगले दो वर्ष तक पचास प्रतिशत वेतन देने की घोषणा की है।

सार्वजनिक उद्यम भारत पेट्रोलियम भी संकट के इस समय में अपना योगदान देते हुए कोच्चि रिफाइनरी द्वारा एक स्कूल में संचालित 1,500 बेड वाले कोविड अस्पताल में मुफ्त पानी और बिजली के साथ 400 टन चिकित्सीय आक्सीजन मुफ्त आपूर्ति करेगी।

भारत पंप्स एंड कम्प्रेशर लिमिटेड भी केरल में एक सरकारी अस्पताल को पिछले एक महीने से मुफ्त में चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है। वॉल स्ट्रीट की दिग्गज कंपनी जेपी मॉर्गन के एशिया-प्रशांत प्रमुख फिलिपो गोरी ने कहा कि उसने अपने 35,000 से अधिक भारतीय कर्मचारियों की देखभाल के लिए 38 लाख अमरीकी डॉलर का कोष बनाया है।

तंबाकू कंपनी आईटीसी भी कोरोना से संक्रमित कर्मचारियों का चिकित्सा खर्च वहन कर रही है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर कंपनी एक्सेंचर, सन फार्मा, टीवीएस मोटर, महिंद्रा, एयरटेल और एनटीपीसी जैसे कंपनियां अस्थायी कोविड देखभाल केंद्रों की स्थापना से लेकर चिकित्सीय उपकरणों की आपूर्ति में अपना भरपूर योगदान दे रही हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित