लाइव न्यूज़ :

भारत ने ओपेक, अन्य देशों को तेल के दाम स्थिर रखने के उनके वादे को याद दिलाया

By भाषा | Updated: March 4, 2021 19:04 IST

Open in App

नयी दिल्ली, चार मार्च पेट्रोल, डीजल की खुदरा कीमतें आसमान छूने के साथ ही भारत ने बृहस्पतिवार को तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) तथा अन्य देशों से एक बार फिर कच्चे तेल के उत्पादन पर लागू प्रतिबंधों को उठाने और दाम स्थिर रखने के वादे को पूरा करने का आग्रह किया।

भारत जिस हिसाब से कच्चे तेल का आयात करता है उसके तहत अप्रैल से दिसंबर 2020 की अवधि में उसके लिये औसत दाम 50 डालर से कम बना हुआ था। जबकि 2019- 20 में इसका औसत दाम 60.47 डालर प्रति बैरल के दायरे में रहा लेकिन इसके बाद पेट्रोल, डीजल के दाम एतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गये। इस दौरान सरकार ने एक साल पहले जब दाम एतिहासिक निम्नस्तर पर पहुंचे थे, उस समय जो कर लगाये गये थे उन्हें वापस नहीं लिया है।

ईंधन पर लागू रिकार्ड कर दरों के साथ ही कच्चे तेल के दाम वापस कोविड- पूर्व के उच्चस्तर पर लौट आने से देश में राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों में कुछ सथानों पर पेट्रोल के दाम 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गये हैं।

आईएचएस मार्किट द्वारा आयोजित सेरावीक सम्मेलन में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि देश में ईंधन की मांग तेली से कोविड- पूर्व के स्तर पर लौट रही है। ऐसे में भारत तेल के दाम को जिम्मेदारी और तार्किक स्तर पर चाहता है।

इससे पहले पिछले साल जब दुनिया में कोरोना वायरस के चलते पेट्रोल, डीजल की मांग काफी कम हो गई थी भारत ने ओपेक देशों के उत्पादन कम करने के फैसले का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि उस समय उत्पादक देशों के खासतौर से ओपेक देशों ने वैश्विक बाजार को आश्वसत किया था कि 2021 की शुरुआत में मांग बढ़ने के साथ उत्पादन को भी उसकी के अनुरूप कर दिया जायेगा। लेकिन, खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि उत्पादन अभी तक सामानय नही हो पाया है।

प्रधान ने कहा, ‘‘आप यदि आपूर्ति उचित स्तर पर नहीं रखेंगे, मांग और आपूर्ति में यदि कृत्रिम अंतर बना रहेगा तो दाम बढ़ेगे।’’

उल्लेखनीय है कि इस साल कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में 62 डालर से ऊपर पहुंच गये हैं। बहरहाल, ओपेक और अन्य तेल उत्पादक देश उत्पादन को लेकर नीति पर फैसला करने वासते इस सपताह बैठक करने वाले हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?