Income Tax Changes: आयकर से जुड़े 10 बड़े बदलाव जिनका आपकी जेब पर होगा असर, जानें यहां
By अंजली चौहान | Updated: February 2, 2026 11:56 IST2026-02-02T11:55:45+5:302026-02-02T11:56:37+5:30
Income Tax Changes: इनकम टैक्स एक्ट, 2025, डायरेक्ट टैक्स को आसान बनाता है, अस्पष्टताओं को दूर करता है और इस तरह कानूनी कार्रवाई की गुंजाइश को कम करता है।

Income Tax Changes: आयकर से जुड़े 10 बड़े बदलाव जिनका आपकी जेब पर होगा असर, जानें यहां
Income Tax Changes: भारत में सालों से चला आ रहा इनकम टैक्स कानून अब बदलने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा करते हुए बताया कि नया आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा और छह दशक पुराने कर कानून की जगह लेगा। सरकार का मकसद इस कानून को आसान बनाना है ताकि आम नागरिक भी अपने टैक्स को समझ सकें और किसी एक्सपर्ट की मदद के बिना रिटर्न फाइल कर सकें।
लेकिन सबके मन में सवाल है कि क्या इन बदलावों से आम टैक्सपेयर्स की जेबें भरेंगी या खाली हो जाएंगी?
आइए 10 बड़ी इनकम टैक्स घोषणाओं के बारे में जानते हैं।
बजट 2026 में 10 बड़े इनकम टैक्स बदलाव
1. विदेश में शिक्षा और मेडिकल इलाज के लिए TCS कम किया गया
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। यह राहत 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।
2. देरी से रिटर्न फाइल करने वालों को रिवीजन के लिए ज़्यादा समय
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। हालांकि, देरी से रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन वही रहेगी।
3. इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ाया गया
इक्विटी फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है, जिससे F&O ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs) के लिए टैक्स नियमों को साफ किया गया
मैच्योरिटी तक रखे गए SGBs पर कैपिटल गेन टैक्स छूट अब सिर्फ उन इन्वेस्टर्स को मिलेगी जिन्होंने बॉन्ड ओरिजिनल RBI इश्यू में खरीदे थे। सेकेंडरी मार्केट में खरीदे गए SGBs पर टैक्स लग सकता है।
5. शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स फिर से लगाया गया
बजट 2026 में शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स फिर से लगा दिया गया है। इन्वेस्टर्स को अब सिर्फ नेट प्रॉफिट पर टैक्स देना होगा, जिससे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को राहत मिलेगी।
6. 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना
एक बार की, छह महीने की योजना शुरू की गई है, जिससे टैक्सपेयर्स बिना किसी कानूनी कार्रवाई के विदेशी आय या संपत्ति घोषित कर सकते हैं। छोटे टैक्सपेयर्स, सैलरी पाने वाले लोग, छात्र और NRI इस योजना के तहत आते हैं। 7. ITR डेडलाइन पर क्लैरिटी
ITR-1 और ITR-2 की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी। नॉन-ऑडिट मामलों में रिटर्न 31 अगस्त तक फाइल किए जा सकते हैं। रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक मामूली फीस के साथ फाइल किए जाएंगे।
8. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत
छोटे टैक्सपेयर्स अब ऑटोमेटेड सिस्टम के ज़रिए कम या निल TDS सर्टिफिकेट हासिल कर पाएंगे। इसके अलावा, फॉर्म 15G/15H सीधे डिपॉजिटरी के ज़रिए कंपनियों तक पहुंचेंगे।
9. क्रिप्टोकरेंसी का खुलासा न करने पर सख्त पेनल्टी
क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट न करने पर एक्सचेंज पर हर दिन ₹200 का जुर्माना लगेगा, और गलत रिपोर्टिंग पर ₹50,000 तक की पेनल्टी लगेगी।
10. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना आसान हुआ
रेजिडेंट खरीदारों को अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय TAN लेने की ज़रूरत नहीं होगी। TDS कटौती सिर्फ़ PAN के ज़रिए ही संभव होगी, जिससे प्रोसेस तेज़ और आसान हो जाएगा।