पीसीए से बाहर निकलने के बाद आईडीबीआई बैंक का ध्यान दक्षता सुधारने पर: प्रबंध निदेशक

By भाषा | Updated: March 21, 2021 16:19 IST2021-03-21T16:19:32+5:302021-03-21T16:19:32+5:30

IDBI Bank's focus on improving efficiency after exiting PCA: Managing Director | पीसीए से बाहर निकलने के बाद आईडीबीआई बैंक का ध्यान दक्षता सुधारने पर: प्रबंध निदेशक

पीसीए से बाहर निकलने के बाद आईडीबीआई बैंक का ध्यान दक्षता सुधारने पर: प्रबंध निदेशक

मुंबई, 21 मार्च रिजर्व बैक के नियामकीय प्रतिबंधों से बाहर निकलने के बाद निजी क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक का ध्यान अब पूरी सूझबूझ और दक्षता के साथ अपना कारोबार बढ़ाने पर है। बैंक दक्षता में सुधार लाने के साथ ही मुनाफा बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश शर्मा ने यह कहा है।

एलआईसी के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक को 10 मार्च को रिजर्व बैंक ने अपनी त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के दायरे में से बाहर किया था। बैंक की पूंजी पर्याप्तता, संपत्ति गुणवत्ता और मुनाफे की स्थिति सहित कुछ अन्य मानकों का उल्लंघन होने की स्थिति में बैंक पर इसे मई, 2017 में लगाया गया था।

शर्मा ने पीटीआई- भाषा के साथ एक बातचीत में कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा लगाये गये प्रतिबंधों के उठ जाने के बाद हम सोच समझकर आगे बढ़ेंगे और अधिक मुनाफा कमाने के साथ अपने व्यवसाय को बढ़ायेंगे ताकि हमारे दक्षता अनुपात में भी सुधार हो। हमारे राजस्व, मुनाफे और अन्य अनुपातों में निश्चित तौर पर सुधार दिखाई देगा।’’

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में हम अपने शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) को बढ़ाकर तीन प्रतिशत पर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इसी प्रकार संपत्ति पर अर्जित आय को 0.60 से 0.70 से ऊपर और लागत के मुकाबले आय के अनुपात को 50 प्रतिशत से नीचे ले जाने पर गौर कर रहे हैं।

चालू वित्त वर्ष के दौरान दिसंबर, 2020 में समाप्त नौ माह में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.79 प्रतिशत पर था जबकि आय के समक्ष लागत 54 प्रतिशत पर थी।

उन्होंने कहा, ‘‘बैंक का बुरा दौर अब बीत चुका है और बैंक काफी मजबूत है। बैंक के जमाकर्ता अब बैंक की मजबूती को देखेंगे।’’

शर्मा ने कहा कि पिछले चार साल के दौरान जब बैंक रिजर्व बैंक के प्रतिबंधों के दायरे में था, बैंक का ध्यान प्राथमिक क्षेत्र के कर्ज और खुदरा कारोबार पर था। वर्तमान में बैंक के कर्ज में खुदरा रिण का हिस्सा 60 प्रतिशत और कॉरपोरेट रिण का हिस्सा 40 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में बैंक मध्यम और बड़े कंपनी रिण में 8 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, वहीं प्राथमिक क्षेत्र और खुदरा रिण के क्षेत्र में 12 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद लेकर चल रहा है।

शर्मा ने बताया कि 2021-22 में बैंक को पुराने फंसे कर्ज में से कुल 3,500- 4,000 करोड़ रुपये की वसूली होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बैंक में पूंजी की कोई कमी नहीं और उसे तुरंत धन जुटाने की आवश्यकता नहीं है।

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Web Title: IDBI Bank's focus on improving efficiency after exiting PCA: Managing Director

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