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हुंदै ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क घटाने की वकालत की

By भाषा | Updated: July 27, 2021 17:08 IST

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गुरूग्राम, 27 जुलाई दक्षिण कोरियाई ऑटो कंपनी हुंदै ने मंगलवार को कहा कि सरकार द्वारा आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर शुल्क दर में कटौती बेहद फायदेमंद होगी क्योंकि इससे वाहन विनिर्माताओं को जरूरी बिक्री स्तर तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

हुंदै ने यहां अपने नए कॉरपोरेट मुख्यालय के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की मांग का समर्थन किया, जिसने आयातित ईवी पर शुल्क कम करने के लिए कहा है।

हुंदै ने कहा कि कराधान और पूरे देश में चार्जिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण पर सरकार के समर्थन के चलते भारत में ईवी खंड तेजी से विकसित हो रहा है।

हुंडई मोटर इंडिया के एमडी और सीईओ एस एस किम ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सुना है कि टेस्ला सीबीयू के आयात पर कुछ शुल्क कटौती की मांग कर रही है। इस बेहद मूल्य प्रतिस्पर्धी खंड में बड़े स्तर तक कारोबार को पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि जब तक कंपनियां ईवी कलपुर्जों और अन्य अवसंरचना को स्थानीय स्तर पर बनाने में सक्षम होती हैं, तब तक ईवी आयात देश में बाजार तैयार करने में मदद कर सकता है।

किम ने कहा, ‘‘ईवी को पूरी तरह स्थानीय स्तर पर बनाने में ओईएम को समय लगेगा। हम भारत में सस्ती ईवी विकसित कर रहे हैं, लेकिन साथ ही अगर सरकार आयातित सीबीयू (पूरी तरह से तैयार इकाई) पर शुल्क में कुछ कमी करती है तो यह हम सभी के लिए बहुत मददगार होगी।’’

पिछले सप्ताह टेस्ला के सीईओ मस्क ने कहा था कि यदि कंपनी भारत में आयातित वाहनों के साथ सफल रहती है, तो बाद में विनिर्माण संयंत्र लगाने पर विचार कर सकती है।

मस्क ने कहा था कि फिलहाल भारत में आयात शुल्क दुनिया में सबसे ऊंचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर कम से कम अस्थायी रूप से शुल्क राहत मिलेगी। मस्क ने ट्विटर पर अपने फालोअर्स के साथ चर्चा में यह बात कही।

मस्क से पूछा गया था कि क्या भारत में टेस्ला की कारें उतारी जाएंगी, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसा करना चाहते हैं, लेकिन दुनिया के बड़े देशों में भारत में आयात शुल्क सबसे ऊंचा है।’’

फिलहाल भारत 40,000 डॉलर से अधिक की कीमत की पूरी तरह आयातित कार पर सीआईएफ (लागत, बीमा और भाड़े) के साथ 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाता है। इससे कम लागत की कार पर आयात शुल्क की दर 60 प्रतिशत है।

मस्क ने कहा कि भारत डीजल और पेट्रोल वाहनों की तरह की स्वच्छ ऊर्जा वाहनों को भी लेता है, जबकि ये दोनों वाहन उसके जलवायु लक्ष्यों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत कम से कम इलेक्ट्रिक वाहनों पर अस्थायी शुल्क राहत देगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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