दिसंबर 2023 में सत्ता, दिसंबर 2025 में 8,00,805 करोड़ कर्ज?, तेलंगाना कांग्रेस सरकार ने 3.19 लाख करोड़ रुपये के नए कर्ज लिए?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 22, 2026 10:31 IST2026-03-22T10:29:33+5:302026-03-22T10:31:00+5:30
2025 में उसी महीने तक राज्य और उसकी इकाइयों का कुल कर्ज 3,19,179 करोड़ रुपये था, जिसमें से पुनर्भुगतान (मूलधन और ब्याज) 3,04,202 करोड़ रुपये था।

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हैदराबाद:तेलंगाना पर कुल कर्ज दिसंबर, 2025 के अंत तक आठ लाख करोड़ रुपये था। राज्य सरकार द्वारा जारी सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट-2026 से यह जानकारी मिली है। इसमें उसकी इकाइयों का कर्ज और सरकारी गारंटी भी शामिल है। राज्य सरकार ने कहा कि दिसंबर, 2023 में जब कांग्रेस सत्ता में आई थी, उस समय से लेकर 2025 में उसी महीने तक राज्य और उसकी इकाइयों का कुल कर्ज 3,19,179 करोड़ रुपये था, जिसमें से पुनर्भुगतान (मूलधन और ब्याज) 3,04,202 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट कहती है कि कांग्रेस सरकार के लगभग ढाई साल के कार्यकाल के दौरान उठाए गए कर्ज से पता चलता है कि इसका एक बड़ा हिस्सा हिस्सा मौजूदा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया गया। इसकी वजह यह है कि दिसंबर, 2023 से पहले के समय से राज्य के ऊपर काफी कर्ज था। इसमें कहा गया,, “31 दिसंबर, 2025 तक कुल बकाया कर्ज़ 8,00,805 करोड़ रुपये था,
लेकिन बकाया देनदारियों में बढ़ोतरी को बड़े और ज़रूरी ब्याज भुगतान के संदर्भ में समझने की ज़रूरत है। यह बहुत ज़्यादा पुराने कर्ज की वजह से है... ब्याज चुकाने के साथ-साथ मूलधन का बड़ा भुगतान किया गया।’’ इस समय के दौरान, राज्य और उसकी कंपनियों ने 3.19 लाख करोड़ रुपये के नए कर्ज लिए। इसी समय में, मूलधन और ब्याज के लिए 3.04 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया,
जिसमें मूलधन के लिए 1.90 लाख करोड़ रुपये और ब्याज के लिए 1.14 लाख करोड़ रुपये का भुगतान शामिल हैं। तेलंगाना का 2025-26 के लिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (शुरुआती अग्रिम अनु़मान) मौजूदा कीमतों पर 17.82 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह सालाना 10.7 प्रतिशत की वृद्धि है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के पहले अग्रिम अनुमान में राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। इस तरह राज्य की वृद्धि दर राष्ट्रीय वृद्धि दर के अनुमान से कहीं अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सेवा क्षेत्र में वृद्धि को दर्शाता है।
मसलन आईटी, व्यापार, परिवहन और संचार। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025-26 के लिए राज्य की पर प्रति व्यक्ति आय 10.2 प्रतिशत बढ़कर 4.19 लाख रुपये पर पहुंच गई है जो राष्ट्रीय औसत 2.20 लाख रुपये की तुलना में कहीं अधिक है।