Himachal Budget updates: दूध की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी, गाय दूध 61 और भैंस दूध 71 रुपये लीटर, देखिए मुख्य बातें
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 21, 2026 13:34 IST2026-03-21T13:28:19+5:302026-03-21T13:34:22+5:30
Himachal Budget updates: सीएम सुक्खू ने कहा कि 1952 के बाद यह पहली बार है कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान के बिना बजट पेश किया जा रहा है।

Sukhvinder Singh Sukhu
शिमलाः हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शनिवार को 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। अपना चौथा बजट पेश कर रहे सुक्खू ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से वार्षिक बजट प्रभावित हुआ है और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य के हितों का समर्थन नहीं करने का आरोप लगाया। सुक्खू ने कहा कि 1952 के बाद यह पहली बार है कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान के बिना बजट पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "हिमाचल प्रदेश को आरडीजी अनुदान बंद करना हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय है।" मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों की रक्षा और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा की। अधिक उपज देने वाली पौध प्रजातियां उत्पादकों को उपलब्ध कराई जाएंगी। 5 लाख ग्राफ्टेड फलदार पौधे दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिव परियोजना के तहत 325 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्बन क्रेडिट अर्जित करने का प्रावधान भी किया जाएगा। बजट में अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। जैविक गेहूं, मक्का और हल्दी के एमएसपी में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 लाख किसान प्राकृतिक जैविक खेती में लगे हुए हैं।
जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए एक विशेष विपणन योजना शुरू की गई है। उन्होंने जैविक रूप से उगाए गए गेहूं के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) में 60 रुपये से 80 रुपये, मक्का के एमएसपी में 40 रुपये से 50 रुपये और हल्दी के एमएसपी में 90 रुपये से 150 रुपये की वृद्धि की घोषणा की। पीपीपी मॉडल के तहत मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए 62 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
गद्दी, गुर्जर और किन्नौरा चरवाहों के 40,000 परिवारों के लिए 'पहल' योजना की घोषणा की, जिसके तहत उन्हें डिजिटल कार्ड, बीमा कवर और बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने ऊन का भाव 100 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया। मुख्यमंत्री ने गाय के दूध की कीमत में 10 रुपये की वृद्धि की घोषणा की। 51 रुपये से 61 रुपये प्रति लीटर। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भैंस के दूध की कीमत में भी 10 रुपये की वृद्धि की गई है, जो 61 रुपये से बढ़कर 71 रुपये प्रति लीटर हो गई है।