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GST काउंसिल की बैठक में इन उत्पादों पर राहत, लेकिन पेट्रोल-डीजल के लिए जारी हो सकता नया फरमान

By कोमल बड़ोदेकर | Updated: July 20, 2018 10:03 IST

GST- माल एवं वस्तु सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े फैसले लेने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक शनिवार 21 जुलाई को होना है। इस दौरान जीएसटी काउंसिल की बैठक कई अहम फैसले ले सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की बैठक करीब 24 से 32 उत्पादों की दर को कम करने का फैसला ले सकती है।

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नई दिल्ली, 20 जुलाई। GST- माल एवं वस्तु सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े फैसले लेने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक शनिवार 21 जुलाई को होना है। इस दौरान जीएसटी काउंसिल की बैठक कई अहम फैसले ले सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की बैठक करीब 24 से 32 उत्पादों की दर को कम करने का फैसला ले सकती है। इसमें दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली कई चीजें शामिल हैं। वहीं एयर एविएशन फ्यूल को लेकर भी बड़ा फैसला लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन उत्पादों पर टैक्स स्लैब होने की उम्मीद खबर के मुताबिक, जीएसटीी काउंसिर हैंडिक्राफ्ट, हैंडलूम आइटम पर लगने वाले 12 फीसदी जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी के स्लैब में लाने की उम्मीद है। जबकि इलेक्ट्रॉनिक आयटम, बुक्स सहित कई अन्य चीजों को भी 5 फीसदी के स्लेब में रखा जा सकता है, फिल्हाल उन उत्पादों पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है।  

विमान ईंधन, पेट्रोल-डीजल की कीतमों पर फैसला इसके अलावा सरकार एयर एविएशन फ्यूल यानी विमान ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने पर मंथन कर सकती है। लेकिन टैक्स स्लैब इसमें एक बड़ी है। एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू किया गया था तो पांच उत्पादों कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन को इसके दायरे से बाहर रखा गया था। जिसके केंद्र और राज्य सरकारें नुकसान की बात कहते हुए इसे फौरन जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है। हालांकि, प्रक्रिया शुरू करने के लिये प्राकृतिक गैस और एटीएफ को उपयुक्त माना जा रहा है।

प्राकृतिक गैस पर भी हो सकता है विचारजीएसटी परिषद की बैठक 21 जुलाई को होनी है और इसमें प्राकृतिक गैस और एटीएफ को नए अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव चर्चा के लिये लाया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल में वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा अन्य सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं।

क्या कहते हैं ये आकड़ेंहालांकि, इन दोनों उत्पादों को जीएसटी कर की दरों 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत में रखना मुश्किल साबित हो रहा है। वर्तमान में केंद्र सरकार एटीएफ पर 14 प्रतिशत का उत्पाद शुल्क लगाता है। इसके ऊपर से राज्य 30 प्रतिशत तक बिक्री कर या वैट लगाते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर 5 प्रतिशत वैट हैं जबकि तमिलनाडु में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और दिल्ली में 25 प्रतिशत और कर्नाटक में 28 प्रतिशत वैट है।

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