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प्रोत्साहन नीतियों में ई-साइकिल को बाहर रखने से कारोबार खतरे में: एचएमसी

By भाषा | Updated: October 4, 2021 22:47 IST

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मुंबई चार अक्टूबर ई-साइकिल श्रेणी को सभी प्रमुख विनिर्माण और निर्यात प्रोत्साहन नीतियों से बाहर रखने से बिजली से चलने वाली साइकिल का उद्योग शुरुआती दौर में खतरे में नजर आ रहा है। उद्योग के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही।

केंद्र सरकार द्वारा बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिए घोषित फेम-II (इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को तेजी से विनिर्माण और अपनाने की योजना) और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) दो बड़ी योजनाओं के तहत विभिन्न लाभों का लाभ उठाने से ई-साइकिल श्रेणी को बाहर रखा गया है।

हीरो मोटर्स कंपनी (एचएमसी) समूह के अध्यक्ष एवं पंकज एम मुंजाल ने कहा, "इन योजनाओं में ई-साइकिल को शामिल नहीं करने से भारत को अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये मूल्य के ई-साइकिल निर्यात ऑर्डर खोने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।"

उन्होंने कहा कि भारत को साइकिल पर आयात शुल्क को मौजूदा 14 प्रतिशत से शून्य पर लाने के लिए बातचीत करनी चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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