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कंपनी, ग्राहकों के बीच लेनदेन के लिए क्यूआर कोड का अनुपालन नहीं करने को लेकर जुर्माने से सशर्त छूट

By भाषा | Updated: November 30, 2020 20:27 IST

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नयी दिल्ली, 30 नवंबर सरकार ने कंपनियों और ग्राहकों (बी टू सी) के बीच लेन-देन से जुड़े बिलों के मामले में क्यूआर कोड प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाये जाने से चार महीने 31 मार्च, 2020 तक सशर्त छूट प्रदान की है।

हालांकि, 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों को जुर्माने से छूट लेने के लिए एक अप्रैल, 2021 से अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड युक्त बी टू सी बिल जारी करना अनिवार्य होगा।

बी टू सी बिलों पर क्यूआर कोड प्रकाशित करने की व्यवस्था एक दिसंबर से लागू की गयी है। ‘क्विक रिस्पांस कोड’ (क्यूआर कोड) से उपयोगकर्ताओं को डिजिटल तरीके से हस्ताक्षर किये गये ई-बिलों में ब्योरे को सत्यापित करने में मदद मिलती है।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 29 नवंबर को जारी अधिसूचना में कहा कि कंपनियों से ग्राहकों के बीच लेन-देन को लेकर क्यूआर कोड प्रावधानों के अनुपालन नहीं करने को लेकर जुर्माने से छूट दी गयी है। यह छूट एक दिसंबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक के लिये है। यह छूट इस शर्त पर निर्भर है कि उक्त व्यक्ति एक अप्रैल, 2021 से इस प्रावधान का अनुपालन करेगा।

राजस्व विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) पर जीएसटी सुविधा को लेकर लगभग एक साल से बैंकों, विक्रेताओं और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ काम कर रही है।

उसने कहा कि राजस्व विभाग ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिये एनपीसीआई और शीर्ष बैंकों तथा संबंधित पक्षों के साथ कई दौर की बैठकें की।

एनपीसीअई ने जरूरी समाधान उपलब्ध कराया है और बैंकों के साथ साझा तकनीकी दस्तावेज, बार-बार पूछ जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) समेत अन्य चीजें साझा की है।

सूत्रों के अनुसार एनपीसीआई छह फरवरी, 2020 से बैंक प्रमाणन के लिये तैयार था और यूपीआई पर जीएसटी सुविधा मार्च, 2020 से शुरू किये जाने का लक्ष्य था।

हालांकि कई बैठकों के बावजूद ज्यादातर बैंक यूपीआई पर जीएसटी सुविधा को लेकर पूरी तैयारी नहीं कर सके।

यूपीआई पर जीएसटी की सुविधा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में एक बारगी चार महीने यानी 31 मार्च, 2021 तक के लिये जुर्माना प्रावधान से छूट देने का निर्णय किया है। यह छूट इस शर्त पर दी गयी कि संबंधित पक्ष एक अप्रैल, 2021 से बिलों पर क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू करने के लिये जरूरी कदम उठाएंगे और फलस्वरूप यूपीआई पर जीएसटी व्यवस्था को सुलभ किया जा सके।

इस बारे में ईवाई कर भागीदार अभिषेक जैन ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने मार्च, 2021 तक कंपनियों और ग्राहकों के बीच लेन-देन में क्यूआर कोड का अनुपालन नहीं करने को लेकर जुर्माने से छूट देकर जरूरी राहत प्रदान की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई कंपनियां अभी इसके लिये तैयार नहीं थीं। इस छूट से उन्हें नियमन के अनुपालन को लेकर समय दिया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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