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दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों को नए साल में बेहतर वृद्धि की उम्मीद

By भाषा | Updated: December 22, 2021 17:09 IST

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नयी दिल्ली, 22 दिसंबर मांग और खपत में सुधार के साथ दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियां (एफएमसीजी) आगामी वर्ष को लेकर आशावादी हैं। उन्हें उम्मीद है कि 2022 में ग्रामीण और शहरी बाजारों में वृद्धि का चलन बना रहेगा।

इसके साथ ये कंपनियां डिजिटल तरीके से सेवाओं का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या के लिए स्वयं को तैयार करने के अलावा वस्तुओं की उच्च दर की चुनौती से निबटने के लिए भी कमर कस ली हैं।

पिछले वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू होने के बाद से शुद्धता और स्वच्छता पर जोर बढ़ने से उपभोक्ताओं का रूझान भरोसेमंद ब्रांड पर है। साथ ही स्वास्थ्य और सुगमता पर जोर बने रहने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनियां अपने मूल ब्रांड को मजबूत बना रही हैं।

ये कंपनियां डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में भी तेजी ला रही हैं और ई-कॉमर्स तथा सीधे ग्राहक तक पहुंच (डायरेक्ट टू कन्ज्यूमर) माध्यमों में क्षमता निर्माण में निवेश कर रही हैं क्योंकि महामारी की तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है और ऐसे में ये ही कंपनियों के विकास के मूल कारक होंगे।

टाटा कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील डिसूजा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आने वाले समय में हमारे विचार से उपभोक्ता ऐसे ब्रांड ही पंसद करेंगे जिन पर उन्हें भरोसा है और ब्रांड भी उन्हें लाभदायक लगता हो। स्वास्थ्य, वेलनेस और सुविधा ये चलन कायम रहेंगे और उत्पाद तथा ब्रांड विकल्पों पर इनका असर रहेगा।’’

कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाले उद्योग पर महंगाई का अभूतपूर्व दबाव आया है।

डाबर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा कि हाल की तिमाहियों में महंगाई दर नौ फीसदी से अधिक रही है और इसके कारण कंपनी को कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी के हालात पर नजर रख रहे हैं और अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही तो 2022 की शुरुआत में कीमतें फिर बढ़ानी पड़ेंगी।’’

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक वरूण बैरी ने भी कहा, ‘‘इस वर्ष महंगाई दर अभूतपूर्व रही है। बीते छह वर्षों को मिलाकर जितनी महंगाई दर थी, इस वर्ष की महंगाई दर उससे भी अधिक रही।’’

हालांकि कंपनियों को मांग और खपत में सुधार की उम्मीद है। पेप्सिको इंडिया के अध्यक्ष अहमद अलशेख ने कहा, ‘‘शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी उपभोक्ता मांग एवं खपत में वृद्धि हो रही है। 2022 में अवसरों को लेकर हमें उम्मीदें हैं।’’

मैरिको के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सौगत गुप्ता ने कहा कि बड़े स्तर पर आर्थिक सुधार जारी रहने की उम्मीद है जिससे खपत में स्थिरता आने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सामान्य मानसून और सरकार के प्रोत्साहन उपायों से ग्रामीण इलाकों में रहने वाली आबादी के एक बड़े हिस्से को फायदा मिल सकता है। हम निश्चित ही सही दिशा में बढ़ रहे हैं...।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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