25 लाख महिला के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर, सीएम नीतीश कुमार ने कहा-व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बनिए
By एस पी सिन्हा | Updated: February 16, 2026 14:54 IST2026-02-16T14:53:42+5:302026-02-16T14:54:47+5:30
पहले चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके बाद दूसरे चरण में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। तीसरे चरण में 40 हजार रुपये, चौथे चरण में 80 हजार रुपये और अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

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पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सोमवार को एक क्लिक के माध्यम से राज्य की 25 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये (कुल 2500 करोड़ रुपये) ट्रांसफर किया। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 16 फरवरी को सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की गई। राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार चाहती है कि महिलाएं छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां महिलाओं को इस तरह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से जिन महिलाओं के खातों में पहले पैसा नहीं पहुंच पाया था या जिन्होंने देर से आवेदन किया था, उन 25 लाख महिलाओं के खातों में अब राशि भेज दी गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को कुल 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह राशि एक साथ नहीं बल्कि पांच अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाएगी। पहले चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके बाद दूसरे चरण में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। तीसरे चरण में 40 हजार रुपये, चौथे चरण में 80 हजार रुपये और अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इस तरह योजना के तहत कुल मिलाकर महिलाओं को 2 लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं लाभान्वित होंगी। महिलाएं इस राशि का उपयोग सिलाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, छोटी दुकान या अन्य स्वरोजगार शुरू करने में कर सकती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
वहीं, श्रवण कुमार ने राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान कुछ विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि जनता ने ऐसे दलों को जवाब देते हुए उन्हें केवल 35 सीटों तक सीमित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है और आगे भी ऐसी योजनाएं जारी रहेंगी।