मुख्यमंत्री योगी 22 फरवरी को सिंगापुर और जापान जाएंगे!, अखिलेश यादव ने कसा तंज, काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 20, 2026 17:24 IST2026-02-20T17:24:01+5:302026-02-20T17:24:39+5:30
यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की यह पांचवीं विदेश यात्रा होगी. इसके पूर्व वह म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस गए थे.

file photo
लखनऊः उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान जाएंगे. उनका विदेश दौरा 22 से 26 फरवरी तक होगा. इस दौरान वह 23 से 24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे. इसके बाद 25 और 26 फरवरी को वह जापान में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री योगी की विदेश यात्रा का कार्यक्रम फाइनल हो गया है. उनके साथ में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के साथ अधिकारियों के एक दल भी जा रहा है. मुख्यमंत्री के जापान और सिंगापुर के आधिकारिक दौरे के दौरान वह प्रवासी भारतीयों और उद्योग जगत की विख्यात कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की यह पांचवीं विदेश यात्रा होगी. इसके पूर्व वह म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस गए थे.
सिंगापुर और जापान में इनसे मिलेंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री के साथ विदेश यात्रा पर जा रहे अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी की सिंगापुर में पीएम, वहां के गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात संभावित है. इसके अलावा मुख्यमंत्री सिंगापुर में वहां के बड़े निवेशकों से मिलकर उन्हे यूपी में निवेश करने के लिए आमंत्रित करेंगे, प्रदेश सरकार नोएडा में सिंगापुर के निवेशकों के लिए 500 एकड़ में सिंगापुर सिटी बनाने के लिए जमीन चिन्हित की है.
सीएम योगी सिंगापुर में टेमासेक होल्डिंग्स, जीआईसी, कैपिटालैंड, सेमकॉर्प इंडस्ट्रीज, विल्मर इंटरनेशनल, एसटी मल्टीमीडिया ग्लोबल डेटासेंटर्स और ओलैम इंटरनेशनल जैसी कंपनियों के दिग्गजों से मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश लाने के लिए चर्चा करेंगे.
इसी तरह मुख्यमंत्री योगी 25 और 26 फरवरी को जापान में रहते हुए एक कम्युनिटी इवेंट का आयोजन में शामिल होंगे. वह जापान में यामानाशी के गवर्नर से भी मुलाकात करेंगे.जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री टोक्यो से करीब 45 किलोमीटर दूर एक स्थान पर श्री राम और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे.
मुख्यमंत्री योगी जापान में हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर भी करेंगे और वहां की अत्याधुनिक तकनीक और निवेश संभावनाओं का भी वह अध्ययन करेंगे. सीएम योगी जापान में टोक्यो, ओसाका-कोबे और यामानाशी जैसे क्षेत्रों में टोयोटा, होंडा, सुजुकी, सोनी, हिताची, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक, पैनासोनिक, ताकेडा और सॉफ्टबैंक जैसी औद्योगिक कंपनियों के दिग्गजों के साथ चर्चा करेंगे.
ताकि यूपी में विनिर्माण, सटीक इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीकों में निवेश को लाया जा सके.जापान के निवेशकों भी वह यह बताएंगे कि सरकार ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जापान सिटी के लिए जमीन चिन्हित की है, ताकि राज्य में निवेश करने वाले जापानी निवेशकों को रहने के लिए बेहतर माहौल मिल सके.
अधिकारियों का कहना है
मुख्यमंत्री योगी के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विदेश जा रहा है.इस दल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम विभाग, प्रमुख सचिव आईटी, प्रमुख सचिव पर्यटन, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनंद और निदेशक नेडा शामिल हैं. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि सीएम योगी इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करना, औद्योगिक सहयोग बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना है.
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित करेंगे. विदेश यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी भगवा कपड़ों में ही जापान-सिंगापुर की धरती पर उतरेंगे,
लेकिन वहां वह हमेशा की तरह सैंडल नहीं पहनेंगे बल्कि जूतों में नजर आएंगे. अपने विदेश दौरे के दौरे वह निवेशकों से मुलाक़ात करने के साथ ही भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित करेंगे. इसके साथ ही वो दोनों जगहों पर निवेश को लेकर रोड शो का भी आयोजन करेंगे.
योगी की विदेश यात्रा पर अखिलेश का तंज
मुख्यमंत्री योगी के इस विदेश दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी. जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा.