लाइव न्यूज़ :

वाहन ईंधन पर ‘अत्यधिक’ करों को और कम करे केंद्र : तमिलनाडु

By भाषा | Updated: November 19, 2021 22:06 IST

Open in App

चेन्नई, 19 नवंबर तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर करों में और कमी करने से इनकार किया और कहा कि केंद्र को अपने 'अत्यधिक' करों को कम करना चाहिए क्योंकि लगभग सभी राज्य ‘मूल्यानुसार’ कराधान का अनुपालन करते हैं।

राज्य के वित्त और मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री पलानीवेल त्याग राजन ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र को सरल और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाकर पेट्रोल और डीजल पर करों को कम करना चाहिए। केंद्र सरकार को 2014 की दर को रखना चाहिए। इस तरह के कदम से राज्यों का कराधान स्वत: कम हो जाएगा क्योंकि लगभग सभी राज्य मूल्यानुसार कराधान लेते हैं।’’

उन्होंने केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में उसने बार-बार पेट्रोल और डीजल पर कर बढ़ाया है, लोगों पर भारी बोझ डाला है और उनकी सरकार लगातार उनसे करों में वृद्धि को वापस लेने का आग्रह करती रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

क्राइम अलर्टबिहार के मुजफ्फरपुर में इश्क, फरेब और साजिश के घिनौना खेल में सुहाग को ही रास्ते से हटाने का फरमान, गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच थम गई पति का सांस

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

बॉलीवुड चुस्कीएक शब्द ने मचा दिया बवाल! राकेश बेदी को क्यों मांगनी पड़ी माफी?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबाररुपये की तेज छलांग! 2013 के बाद सबसे बड़ा उछाल

कारोबारGold Rate Today: 6 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?