3 करोड़ लोग आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर, नारियल, काजू, कोको और चंदन की खेती को बढ़ावा, तमिलनाडु और केरल चुनाव पर फोकस?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 1, 2026 13:50 IST2026-02-01T13:49:26+5:302026-02-01T13:50:15+5:30
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले एक नए समर्पित माल ढुलाई गलियारे का प्रस्ताव रखा।

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नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंटेनर निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए पांच साल में 10,000 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ कंटेनर निर्माण की एक योजना का प्रस्ताव रखा। सीतारमण ने कहा कि पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए निर्माण और बुनियादी ढांचा उपकरण (सीआईई) के घरेलू निर्माण को मजबूत करने के लिए एक योजना शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले एक नए समर्पित माल ढुलाई गलियारे का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) संचालित करेगी, जिसकी शुरुआत ओडिशा में एनडब्ल्यू-5 से होगी। सीतारमण ने कहा कि वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक जहाज-मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
सीतारमण ने ग्रामीण आय में विविधता लाने और पारंपरिक कृषि से बाहर रोजगार अवसर पैदा करने के मकसद से रविवार को पशुपालन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्रों के लिए कई पहल की बजट 2026-27 में घोषणा की। सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि पशुपालन ग्रामीण कृषि आय का करीब 16 प्रतिशत योगदान देता है।
जिसमें गरीब और सीमांत किसानों की आमदनी भी शामिल है। उन्होंने 20,000 से अधिक पशु-चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऋण-सम्बद्ध पूंजी सब्सिडी योजना का प्रस्ताव भी रखा। यह योजना पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल, निजी कॉलेज, डायग्नोस्टिक लैब और प्रजनन सुविधाओं की स्थापना को बढ़ावा देगी।
सीतारमण ने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र में सरकार 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का समेकित विकास करने के साथ तटीय क्षेत्रों में मूल्य शृंखला को मजबूत करेगी। इससे स्टार्टअप, महिलाओं की अगुवाई वाले समूहों और मछली पालक किसान संगठनों के जरिये बाजार संबद्धता बनाई जा सकेगी।
वित्त मंत्री ने पशुपालन उद्यमिता के लिए ऋण-सम्बद्ध सब्सिडी कार्यक्रम लाने की भी घोषणा की, जिसमें पशुधन, डेयरी और पॉल्ट्री केंद्रित एकीकृत मूल्य शृंखला के निर्माण और आधुनिकीकरण पर जोर रहेगा। तटीय किसानों के लिए नारियल संवर्धन योजना भी प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत पुराने एवं गैर-उत्पादक वृक्षों की जगह नई किस्मों को लगाया जाएगा।
सीतारमण ने कहा कि एक करोड़ किसानों समेत करीब तीन करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं और भारत दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है। सरकार भारतीय काजू और कोको कार्यक्रम के जरिये उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और 2030 तक उन्हें विश्वस्तरीय प्रीमियम ब्रांड में बदलने की योजना बना रही है।
इसके अतिरिक्त, चंदन की खेती और उत्पाद प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर भारत की सांस्कृतिक एवं सामाजिक धरोहर से जुड़े भारतीय चंदन पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव भी इस बजट में रखा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने बागों के पुनरुत्थान और अखरोट, बादाम एवं चिलगोजा (पाइन नट्स) की उच्च-घनत्व वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना भी पेश की गई है, जिसमें युवा सहभागिता से मूल्य संवर्धन पर खास ध्यान रहेगा।