जीएसटी, श्रम संहिता और गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित 15 अगस्त से कई सुधार लागू, ‘सुधार एक्सप्रेस’ जारी, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 1, 2026 11:30 IST2026-02-01T11:29:21+5:302026-02-01T11:30:36+5:30
Budget 2026 Live Updates: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को महत्वपूर्ण खनिजों की इकाइयां लगाने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव रखा।

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नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "...2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।" सरकार का संकल्प गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों पर ध्यान देना। मजबूत वित्तीय क्षेत्र बचत जुटाने, पूंजी आवंटित करने और बेहतर शासन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। सीतारमण ने विनिर्माण, स्वास्थ्य देखभाल और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, एमएसएमई समेत छह क्षेत्रों में कदम उठाने का प्रस्ताव किया। जीएसटी, श्रम संहिता और गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित 15 अगस्त से कई सुधार लागू किए गए हैं। ‘सुधार एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा।
https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH | https://twitter.com/hashtag/UnionBudget2026?src=hash&ref_src=twsrc%…">#UnionBudget2026 | Union FM Nirmala Sitharaman says, "Today, we face an external environment in which trade and multilateralism are in imperent and access to resources and supply chains are disrupted. New technologies are transforming production systems while sharply… https://t.co/oTXN7q3SOR">pic.twitter.com/oTXN7q3SOR
— ANI (@ANI) https://twitter.com/ANI/status/2017837412337258902?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "...हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।" आज हम एक ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है।
नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और ज़रूरी खनिजों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेश को संतुलित किया जाएगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ते व्यापार और पूंजी की ज़रूरतों के साथ, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, ज़्यादा निर्यात करना चाहिए और स्थिर लंबे समय के निवेश को आकर्षित करना चाहिए।