Budget 2026 Expectations: बजट में आवास ऋण पर ब्याज कटौती की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कीजिए?, नारेडको ने कहा-रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दो

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 22, 2026 18:24 IST2026-01-22T18:23:15+5:302026-01-22T18:24:24+5:30

Budget 2026 Expectations:नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई उपाय किए हैं, लेकिन किफायती आवास क्षेत्र के लिए और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

Budget 2026 Expectations interest deduction limit housing loans increased from Rs 2 lakh to Rs 5 lakh NAREDCO said industry status real estate sector | Budget 2026 Expectations: बजट में आवास ऋण पर ब्याज कटौती की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कीजिए?, नारेडको ने कहा-रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दो

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Highlights वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने से पहले नारेडको ने यह मांग रखी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। आवास को अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के समान महत्व मिलना चाहिए।

नई दिल्लीः रियल एस्टेट कंपनियों के निकाय नारेडको ने बृहस्पतिवार को आगामी बजट में आवास ऋण पर ब्याज कटौती की सीमा को मौजूदा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने और रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने की मांग रखी। 'नेशनल रियल एस्टेट डवेलपमेंट काउंसिल' (नारेडको) ने किफायती आवास की परिभाषा में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि अब 90 लाख रुपये तक की कीमत वाले घरों को किफायती आवास माना जाना चाहिए जिसकी मौजूदा सीमा 45 लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने से पहले नारेडको ने यह मांग रखी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई उपाय किए हैं, लेकिन किफायती आवास क्षेत्र के लिए और अधिक काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना होगा।

आवास को अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के समान महत्व मिलना चाहिए।’’ हीरानंदानी ने सुझाव दिया कि सरकार को किफायती और मध्यम आय वर्ग के आवासों के विकास के लिए अपने पास खाली पजडी हुई जमीन का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का मॉडल अपनाया जा सकता है।

नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि आवास ऋण पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर मिलने वाली कर छूट सीमा को मौजूदा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "दो लाख रुपये की छूट सीमा 12 साल पहले तय की गयी थी। तब से स्थिति काफी बदल गयी है। ऐसी स्थिति में इस सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने की जरूरत है।’’

इसके साथ ही जैन ने मांग रखी कि सरकार को रियल एस्टेट कंपनियों को उचित प्रोत्साहन प्रदान करके किराये के आवास को बढ़ावा देना चाहिए। जैन ने बताया कि आवास क्षेत्र में किराये से होने वाला प्रतिफल बहुत कम है। यह केवल एक से तीन प्रतिशत है, जिससे रियल एस्टेट कंपनियों के लिए किराये के मकान बनाना अव्यावहारिक हो जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए रियल एस्टेट कारोबारियों को कर छूट और अन्य सुविधाएं प्रदान कर सकती है। जैन ने कहा कि नारेडको लंबे समय से रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग कर रहा है, क्योंकि इससे भूमि और निर्माण के लिए समेत सभी कच्चे माल के लिए सस्ते ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

भारत की जीडीपी और रोजगार सृजन में इस क्षेत्र के योगदान को देखते हुए, नारेडको के अध्यक्ष ने कहा, "अब समय आ गया है कि सरकार भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दे। इस क्षेत्र के 2030 तक 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।" जैन ने कहा कि बदले हालात में 90 लाख रुपये तक के घरों को किफायती आवास माना जाना चाहिए।

परिभाषा में बदलाव से मदद मिलेगी क्योंकि किफायती घरों पर जीएसटी केवल एक प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट क्षेत्र भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खासकर आवास ऋण से जुड़े कर ढांचे को युक्तिसंगत बनाने से अंतिम उपभोक्ताओं की मांग को प्रोत्साहन मिलेगा और आवास की कमी से जूझ रहे इस क्षेत्र को आवश्यक गति मिलेगी...।’’ इस मौके पर नारेडको ने शहरी एवं रियल एस्टेट विकास सम्मेलन 2026 के आयोजन की घोषणा की। यह सम्मेलन 13–14 फरवरी, 2026 को नयी दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा।

Web Title: Budget 2026 Expectations interest deduction limit housing loans increased from Rs 2 lakh to Rs 5 lakh NAREDCO said industry status real estate sector

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