राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गिनाई नीतीश सरकार की उपलब्धियां, 3 फरवरी को पेश किया जाएगा बजट

By एस पी सिन्हा | Updated: February 2, 2026 15:04 IST2026-02-02T15:03:10+5:302026-02-02T15:04:09+5:30

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य में महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

bihar vidhan shabha Governor Arif Mohammad Khan listed achievements Nitish government budget will be presented on February 3 | राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गिनाई नीतीश सरकार की उपलब्धियां, 3 फरवरी को पेश किया जाएगा बजट

file photo

Highlightsबिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी कम थी। स्वयं सहायता समूहों की संख्या लगभग 11 लाख हो गई है। जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई है।

पटनाः बिहार विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के संबोधन से शुरू हुआ। राज्यपाल ने विधानमंडल के विस्तारित भवन के सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। इसके बाद वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने विधानसभा के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण की प्रति रखी। शोक प्रस्ताव के बाद कार्यवाही को मंगलवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई दूसरे अन्य सदस्य मौजूद थे। 3 फरवरी मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य में महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पहले बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी कम थी। अब स्वयं सहायता समूहों की संख्या लगभग 11 लाख हो गई है। जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई है। शहरों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 41 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास की गति और तेज होगी। राज्य सरकार के द्वारा इसके लिए सात निश्चय 3 के कार्यक्रम तय किये हैं।

अगले पांच सालों में बिहार देश के सबसे अधिक विकसित राज्यों में शामिल होगा। वहीं, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी की और कई मुद्दों पर हंगामा किया। अभिभाषण के बीच विपक्ष ने नीट छात्रा के मामले को उठाया। विपक्ष के विधायक ने राज्यपाल से सवाल करते हुए पूछा कि महोदय, नीट छात्र को न्याय कब मिलेगा।

उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि इस मामले में सरकार को उचित जवाब देने के लिए निर्देशित किया जाए। विधायक का कहना था कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा है। वहीं, राज्यपाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहिए।

उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस मामले पर उचित कार्रवाई कर रही है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बिहार की सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम जानकारियां दी।

राज्यपाल ने बताया कि बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। वर्तमान में राज्य में कुल 1,31,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिसमें महिला सिपाहियों की संख्या भी काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि बिहार देश में सबसे अधिक महिला सिपाहियों को भर्ती करवाने वाला राज्य बन गया है।

राज्यपाल ने बताया कि पुलिस बल की संख्या में वृद्धि के साथ ही सुरक्षा बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। राज्य में नई पुलिस थानों और चौकियों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में कुल 814 पुलिस थाने और चौकियां थीं, जिन्हें अब बढ़ाकर 1,380 किया गया है। इसका उद्देश्य जनता की सुरक्षा और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

राज्यपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में लंबे समय तक शिक्षकों की कमी रही है। हालांकि, 2023 से पहले शिक्षकों का नियोजन शुरू हुआ और उसके बाद बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) के माध्यम से 2 लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई। इनमें से कई शिक्षकों ने मामूली परीक्षा पास करके सरकारी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा अवसर सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। राज्य में शिक्षकों की कुल संख्या 5 लाख 24 हज़ार है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्यपाल ने यह भी बताया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के चलते बिहार में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता है कि शिक्षा के हर स्तर पर सुधार लाया जाए, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। राज्यपाल ने सुरक्षा और शिक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने न केवल पुलिस बल और शिक्षकों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि सरकारी सेवाओं को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए भी कई नई पहल की हैं। यह सभी कदम राज्य के समग्र विकास और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए हैं।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार ने पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और साम्प्रदायिक सद्भाव के क्षेत्र में मजबूत कदम उठाए हैं। इन पहलों से राज्य में सामाजिक शांति, आर्थिक विकास और सुरक्षा की भावना बढ़ी है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं को और व्यापक रूप देने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है, जिससे बिहार को विकास और सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाया जा सके।

वहीं, राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सदन में कार्य मंत्रणा समिति का गठन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री, तेजस्वी यादव सहित विभिन्न दलों के नेता सदस्य बनाए गए। इसके बाद वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा।

इसके साथ ही विधानसभा में पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया। शोक के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कुल 19 बैठक निर्धारित हैं, जिसमें सभी विभागों के बजट पेश किए जायेंगे और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन होगा।

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने हम पर जो भरोसा जताया है वह सुशासन और सामाजिक न्याय से जुदा है। मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि सत्र की गरिमा बनाए रखें। सभी को लोकतांत्रिक मर्यादा की सीमा में रहना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया महज “खानापूर्ति”, कहा-राज्यपाल वही बोलते हैं जो सरकार लिखकर देती

बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की शुरूआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने संबोधन के दौरान राज्य सरकार के कामकाज का लेखाजोखा सदन के सामने रखा। लेकिन राज्यपाल के इस अभिभाषण के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि कई राज्यपाल आए और गए, लेकिन राज्यपाल वही बोलते हैं जो सरकार लिखकर देती है। अधिकारी और सरकार जो लिख देती है, राज्यपाल बस वही पढ़ते रहते हैं। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को “खानापूर्ति” करार देते हुए कहा कि भाषण में विकास की तस्वीर भले दिखाई गई हो, लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बेहद खराब है।

उन्होंने कहा कि रेप, मर्डर, हत्या, किडनैपिंग, गोलीकांड जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। नीट छात्र हत्या मामले में सीबीआई जांच के मुद्दे पर तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि “बालिका गृह कांड की जांच भी सीबीआई कर रही है, क्या हुआ? सृजन घोटाले की जांच भी सीबीआई कर रही है, क्या हुआ?”

तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर भी बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी ब्लॉक में चले जाइए, किसी थाने में चले जाइए, हर जगह भ्रष्टाचार है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधा सवाल पूछा कि “पूरे देश में बिहार सबसे फिसड्डी राज्य क्यों है?” तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चाहे नीति आयोग की रिपोर्ट हो या प्रति व्यक्ति आय, हर पैमाने पर बिहार पिछड़ा है।

उन्होंने कहा कि बिहार केवल दो चीजों में अव्वल है, भ्रष्टाचार और अपराध। रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि हर जिले में उद्योग लगाए जाएंगे और एक करोड़ लोगों को रोजगार दिया जाएगा। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार का रोजगार और कैसे दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के बजट पर भी तेजस्वी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र के बजट में बिहार के लिए कुछ नहीं है। पिछले साल बिहार में चुनाव था तो बिहार का जिक्र हुआ था, अब तमिलनाडु में चुनाव है तो तमिलनाडु की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई योजनाओं में भ्रष्टाचार है। ब्लॉक चले जाइए, थाना चले जाइए हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

उन्होंने पूछा पूरे देशभर में सबसे फिसड्डी राज्य बिहार क्यों है? अगर बिहार ने तरक्की किया है तो दूसरे राज्यों की तरह आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहा है? उन्होंने कहा कि बिहार हर मोर्चे पर पीछे है और आगे है तो सिर्फ दो मामलों में और वह है भ्रष्टाचार और अपराध। बातें तो बड़ी बड़ी हो रही हैं लेकिन हमको लगता है कि यह सिर्फ खानापूर्ति है।

बता दें कि बजट सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा पहुंचने पर राजद विधायकों ने स्वागत किया। इस दौरान तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर नजर आए, जिससे सभी का ध्यान उनकी ओर गया। उन्होंने बताया कि घर में ही उनके पैर में चोट लग गई है।

तेजस्वी के अनुसार नाखून के पास चोट होने के कारण चलने में परेशानी हो रही है। सामने आए वीडियो में भी वे काफी दर्द में दिखे। बताया जा रहा है कि पैर में गंभीर चोट या खिंचाव के कारण उन्हें चिकित्सकों ने आराम की सलाह दी है।

Web Title: bihar vidhan shabha Governor Arif Mohammad Khan listed achievements Nitish government budget will be presented on February 3

कारोबार से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे