बिक्री व्यापार कर पर 2371.90 करोड़ रुपए बकाया?, सीएजी रिपोर्ट में खुलासा, माल और यात्रियों पर 248 करोड़ 58 लाख

By एस पी सिन्हा | Updated: February 26, 2026 17:05 IST2026-02-26T17:04:01+5:302026-02-26T17:05:07+5:30

विद्युत पर कर और शुल्क के रूप में 20 लाख रुपए, वस्तु और सेवाओं पर 3 करोड़ 25 लाख रुपए, राज्य उत्पाद पर 54 करोड़ 30 लाख रुपए और खनन एवं धातुकर्म उद्योग पर 1505 करोड़ 16 लाख रुपए बकाया है।

bihar sarkar Sales and Trade Tax STT dues Rs 2371-90 crore CAG report reveals Rs 248 crore 58 lakh goods and passengers | बिक्री व्यापार कर पर 2371.90 करोड़ रुपए बकाया?, सीएजी रिपोर्ट में खुलासा, माल और यात्रियों पर 248 करोड़ 58 लाख

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Highlights1289 करोड़ 39 लाख रुपए 5 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है।माल और यात्रियों पर कर के रूप में 248 करोड़ 58 लाख रुपए राजस्व बकाया है। टोटल 4844 करोड़ 46 लाख रुपए राजस्व बकाया है। 

पटनाः बिहार विधानसभा में गुरुवार को वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सीएजी की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी। रिपोर्ट ने सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। रिपोर्ट में कृषि इनपुट सब्सिडी, प्रधानमंत्री आवास योजना, वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र, राजस्व वसूली और शैक्षणिक निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों की बात सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य सरकार खुद के लिए राजस्व वसूल नहीं कर पा रही है। बिक्री व्यापार कर पर 2371 करोड़ 90 लाख रुपए बकाया है, जिनमें 1289 करोड़ 39 लाख रुपए 5 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है।

माल और यात्रियों पर कर के रूप में 248 करोड़ 58 लाख रुपए राजस्व बकाया है। सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक, टोटल 4844 करोड़ 46 लाख रुपए राजस्व बकाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, विद्युत पर कर और शुल्क के रूप में 20 लाख रुपए, वस्तु और सेवाओं पर 3 करोड़ 25 लाख रुपए, राज्य उत्पाद पर 54 करोड़ 30 लाख रुपए और खनन एवं धातुकर्म उद्योग पर 1505 करोड़ 16 लाख रुपए बकाया है।

खान एवं भूतत्व विभाग ने 5 सालों से ज्यादा समय से पेंडिंग बकाए का डिटेल नहीं दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राशि वसूली के लिए भू-राजस्व के रूप में नीलाम वाद दायर किया गया है। सीएजी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वाहनों पर कर के रूप में 183 करोड़ 39 लाख रुपए बकाया है। परिवहन विभाग ने भी 5 सालों से ज्यादा समय से पेंडिंग बकाए का डिटेल नहीं दिया है।

विभाग ने पेंडिंग बकाए की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की है। भू-राजस्व की बात करें तो, 302 करोड़ 47 लाख रुपए का राजस्व बकाया है और विभाग ने 5 सालों का डिटेल नहीं दिया है। रिपोर्ट के अनुसार खरीफ 2019 में ऐसे 10 जिलों को 21.48 रुपये करोड़ की कृषि इनपुट सब्सिडी दी गई जिन्हें बाढ़ प्रभावित घोषित ही नहीं किया गया था।

वहीं 14 अन्य जिलों के आवेदकों को 4.03 करोड़ रुपये की राशि ऐसे क्षेत्रों के नाम पर दी गई जो आपदा प्रभावित सूची में शामिल नहीं थे। 2019 और 2020 के दौरान चिन्हित फसल क्षति क्षेत्र से 1.34 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में 151.92 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई। एसडीआरएफ मानकों का पालन नहीं करने से 3.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ।

डेटाबेस की गलत मैपिंग और नियमों के उल्लंघन से 15.53 लाख मामलों में 56.14 करोड़ रुपये का अधिक, कम या अनियमित भुगतान सामने आया। वहीं फसल क्षति 33 प्रतिशत से कम होने के बावजूद 2019–22 के दौरान 6.81 लाख मामलों में 159.28 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। 

रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। नमूना जांच में पाया गया कि समस्तीपुर और दरभंगा में कुछ आवासों की तस्वीरें प्लिंथ स्तर के एक दिन बाद ही पूर्ण निर्माण दर्शाती हुई अपलोड कर दी गई, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

इससे संकेत मिलता है कि आवास निर्माण की वास्तविक तिथियों से अलग समय पर तस्वीरें अपलोड कर जियो-टैगिंग की गई और निर्धारित जांच प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। वहीं, शिक्षा और आधारभूत संरचना में भी गड़बड़ी पाई गई है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम द्वारा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने से सरकारी कंपनी को 94.25 लाख रुपये की हानि हुई।

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