एक बार फिर चर्चा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का पैतृक गांव फुलवरिया, तेल की खोज और खनिज तत्वों के संभावित संकेत

By एस पी सिन्हा | Updated: February 21, 2026 14:48 IST2026-02-21T14:47:45+5:302026-02-21T14:48:35+5:30

विशेष यंत्रों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर चट्टानों की संरचना, खनिज तत्वों की स्थिति तथा संभावित कच्चे तेल की उपस्थिति का आकलन किया जाता है।

bihar RJD chief Lalu Prasad Yadav's ancestral village Phulwaria once again news oil exploration possible traces of minerals | एक बार फिर चर्चा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का पैतृक गांव फुलवरिया, तेल की खोज और खनिज तत्वों के संभावित संकेत

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Highlightsअत्याधुनिक मशीनों की सहायता से 250 फीट की गहराई तक का विस्तृत डेटा एकत्र कर वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सर्वे का कार्य ओएनजीसी की ओर से अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है।टीम ने चयनित बिंदुओं पर ड्रिल मशीन से गहराई तक बोरिंग कर विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए।

पटनाः राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का पैतृक गांव गोपालगंज जिले में स्थित फुलवरिया एक बार फिर चर्चा में है। इसका कारण लालू यादव नहीं बल्कि उनके गांव में हो रही तेल की खोज है। दरअसल, फुलवरिया प्रखंड के गिदहा, फुलवरिया सहित आसपास के गांवों में कच्चे तेल एवं अन्य खनिज तत्वों के संभावित संकेत मिलने के बाद वैज्ञानिक सर्वेक्षण कार्य पिछले पांच दिनों से जारी है। स्थानीय लोगों में सर्वे को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। बताया जाता है कि विशेष यंत्रों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर चट्टानों की संरचना, खनिज तत्वों की स्थिति तथा संभावित कच्चे तेल की उपस्थिति का आकलन किया जाता है।

अधिकारियों के अनुसार अब अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से 250 फीट की गहराई तक का विस्तृत डेटा एकत्र कर वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। झरही नदी के किनारे तथा फुलवरिया रेलवे स्टेशन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर चिह्नित स्थलों पर जांच अभियान में तेजी देखी गई। सर्वे का कार्य ओएनजीसी की ओर से अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है।

शनिवार को भी सर्वे टीम ने चयनित बिंदुओं पर ड्रिल मशीन से गहराई तक बोरिंग कर विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है, ताकि भूगर्भीय संरचना और संभावित खनिज तत्वों की पुष्टि की जा सके।

कार्य की निगरानी कर रहे क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि सर्वप्रथम हाईटेक उपकरणों से संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाता है। इसके बाद ड्रिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है।कुछ स्थानों पर नियंत्रित विस्फोट (कंट्रोल्ड एक्सप्लोजन) भी किए जा रहे हैं, जिससे धरातल के भीतर उत्पन्न आंतरिक तरंगों का अध्ययन किया जा सके।

जांच के दौरान आई रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में खनिज तत्वों या कच्चे तेल की औसत मात्रा कितनी है और भविष्य में उत्खनन की व्यवहारिक संभावना बनती है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक एवं नियंत्रित है तथा इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

Web Title: bihar RJD chief Lalu Prasad Yadav's ancestral village Phulwaria once again news oil exploration possible traces of minerals

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