लाइव न्यूज़ :

खुदरा निवेशकों के सरकारी प्रतिभूति खरीदने से बैंकों की जमा कम नहीं होगी: गवर्नर दास

By भाषा | Updated: February 5, 2021 19:54 IST

Open in App

मुंबई, पांच फरवरी आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस आशंका को निर्मूल बताया है कि छोटे निवेशकों को सरकारी बॉन्ड में सीधे निवेश के लिए प्रोत्साहित करने से बैंकों के पास लोगों से प्राप्त होने वाली जमाराशि का अकाल पड़जाएगा जो उनके लिए सस्ते धन का मुख्य स्रोत है। उन्होंने कहा कि रोटी इतने बड़े आकार की है जिसमें सबका हिस्सा लग सकता है।

एक प्रमुख कदम के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह लोगों को सरकारी बॉन्ड सीधे खरीदने की इजाजत देगा।

भारत ऐसा करने वाला एशिया में पहला देश होगा और दुनिया में कुछ ही देशों में इसकी इजाजत है। आरबीआई के इस कदम से सरकार को कर्ज लेने के लिए एक बड़ा साधन मिल जाएगा।

अगले वित्त वर्ष में सरकार द्वारा 12 लाख करोड़ रुपये के उधारी लक्ष्य को पूरा करने के मद्देनजर केंद्रीय बैंक को उम्मीद है कि इस कदम से खासतौर से गिल्ट बाजार और व्यापक रूप से ऋण बाजार का विस्तार होगा।

आरबीआई गवर्नर दास ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘सरकारी प्रतिभूतियों में खुदरा भागीदारी बढ़ाने और पहुंच को आसान बनाने के लिए जारी प्रयासों के तहत एग्रीगेटर मॉडल से आगे बढ़ने और खुदरा निवेशकों को आरबीआई के साथ गिल्ट प्रतिभूति खाता (रिटेल डायरेक्ट) खोलने की सुविधा के साथ सरकारी प्रतिभूति बाजार- प्राथमिक और द्वितीयक, दोनों बाजारों में सीधे ऑनलाइन पहुंच देने का निर्णय किया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इससे (खुदरा निवेशकों को सीधे सरकारी प्रतिभूति बाजार में प्रवेश की इजाजत देने) बैंक जमाओं में किसी तरह की कमी आएगी। मुझे लगता है कि रोटी का आकार आकार इतना बड़ा है कि उसमें सबका काम चल जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जीडीपी के बढ़ने और अर्थव्यवस्था के तेज वृद्धि के दौर में प्रवेश के साथ ही बचत और जमाओं का कुल आकार भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा। हमें लगता है कि इससे बैंकों और म्यूचुअल फंडों की जमाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ये एक और माध्यम हो, जो निवेशकों को आसानी से उपलब्ध होगा।’’

गवर्नर ने कहा कि यहां तक कि लघु जमा योजनाएं, बैंक जमाओं के मुकाबले अधिक ब्याज दरों की पेशकश करती हैं, लेकिन इस साल बैंक जमाएं अभी तक 11.3 प्रतिशत बढ़ी हैं।

इस तरह आरबीआई ने सरकार के लिए उधार लेने का एक बड़ा और अनंत रास्ता खोल दिया है, जैसा कि अभी घरेलू शेयर बाजार में किया जाता है। हालांकि, अंतर यह है कि ऐसा आरबीआई की निगरानी में होगा।

इस समय आरबीआई छोटे निवेशकों को बीएसई और एनएसई पर गोबिड मंच के जरिए सरकारी बॉन्ड खरीदने की इजाजत देता है।

अभी ब्रिटेन, ब्राजील और हंगरी में छोटे निवेशकों को सरकारी प्रतिभूति सीधे खरीदने-बेचने की छूट है। इस पर तीसरे पक्ष के जरिए नियंत्रण रखा जाता है।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि केंद्रीय बैंक कई वर्षों से सरकारी प्रतिभूति बाजार को व्यापार रूप देने की कोशिश कर रहा था।

बाजार विश्लेषकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बाजार में गहराई और मजबूती आएगी।

जूलियस बेयर इंडिया के अनमेश कुलकर्णी ने कहा कि अगर इसे अच्छी तरह से लागू किया गया, तो यह बाजार को व्यापक बनाने की दिशा में एक सही कदम होगा क्योंकि इस खंड में फिलहाल बैंकों और संस्थागत निवेशकों का वर्चस्व है।

पीजीआईएम इंडिया एएमसी के कुमारेश रामाकृष्णन ने कहा कि इस कदम से आने वाले समय में मांग बढ़ेगी और आरबीआई ने स्पष्ट रूप से यह माना है कि प्रतिफल का फायदा सभी को मिलना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2026 में अजेय अभियान जारी, मुंबई इंडियंस को 27 रनों से हराया, शीर्ष पर पहुंची

क्रिकेटयशस्वी जायसवाल ने MI के गेंदबाजों की उखेड़ी बखिया, छक्के लगाकर 'सेंचुरी ऑफ़ मैक्सिमम्स' क्लब में हुए शामिल

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?