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कोरोना संकट के बीच शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 2476 अंक उछला, एक दिन की सबसे बड़ी उछाल

By भाषा | Updated: April 7, 2020 19:12 IST

यूरोप और दुनिया के अन्य शेयर बाजारों में आई तेजी भारतीय शेयर बाजार में उछाल की वजह बनी.

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ठळक मुद्दे2009 के बाद सेसेंक्स और निफ्टी में प्रतिशत के हिसाब से सबसे बड़ी उछाल है.सेंसेक्स में शामिल सभी शेयर लाभ में रहे, इंडसइंड सर्वाधिक 22 प्रतिशत लाभ में रहा.

बंबईः वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच दोनों सूचकांकों बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स और निफ्टी में मंगलवार को अंकों के लिहाज से किसी एक दिन में अबतक की सबसे बड़ी तेजी आयी।

वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि की गति थोड़ी हल्की पड़ने और इसके अब नीचे आने के संकेत से वैश्विक बाजारों में तेजी रही जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। अवकाश के कारण छोटे कारोबारी सप्ताह में शुरूआत अच्छी रही और तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,476.26 यानी 8.97 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 30,067.21 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 708.40 अंक यानी 8.76 प्रतिशत मजबूत होकर 8,792.20 अंक पर बंद हुआ।

दोनों सूचकांकों अंकों के हिसाब से यह एक दिन की सबसे बड़ी तेजी रही जबकि प्रतिशत के हिसाब से यह मई 2009 के बाद की सर्वाधिक ऊंची छलांग है। सेंसेक्स के शेयरों में सभी 30 शेयर लाभ में रहे। उनमें से 14 में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी आयी। इंडसइंड सर्वाधिक 22 प्रतिशत लाभ में रहा। उसके बाद क्रमश: एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, मारुति, एचसीएल टेक और हीरो मोटोकार्प का स्थान रहा। बाजार में तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 7.9 लाख करोड़ रुपये बढ़ा। आनंद राठी के इक्विटी शोध प्रमुख नरेंद्र सोलंकी ने कहा, ‘‘एशिया के अन्य बाजारों में तेजी के साथ घरेलू बाजार बढ़त के साथ खुला।

इसका कारण वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस के मामलों में कुछ कमी है...।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार को इस रिपोर्ट से भी बल मिला है कि वित्त मंत्रालय अर्थव्यवस्था के लिये दूसरे राहत पैकेज पर काम कर रहा है। कई अन्य विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में तेजी वैश्विक बाजरों के अनुरूप है। इसका कारण इटली, फ्रांस, जर्मनी में नये मामलों में उतनी वृद्धि नहीं हो रही है और मरने वालों की दैनिक संख्या स्पेन तथा इटली जैसे देशों में कुछ कम हुई है।

इसके अलावा निवेशकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी असर पड़ा है जिसमें उन्होंने मंत्रालयों से 14 अप्रैल के बाद कारोबारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना तैयार करने को कहा है। वैश्विक मोर्चे पर चीन में शंघाई, हांगकांग, जापान में तोक्यो और दक्षिण कोरिया के सोल बाजार के सूचकांकों में 2 प्रतिशत तक सुधार रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक की तेजी रही। उधर, वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा का भाव 2.48 प्रतिशत मजबूत होकर 33.87 डॉलर बैरल पर पहुंच गया।

ओपेक (तेल निर्यातक देशों का संगठन) की इस सप्ताह प्रस्तावित बैठक में आपूर्ति में कमी किये जाने को लेकर समझौता होने की उम्मीद से तेल में तेजी आयी है। इस बीच, कोरोना वायरस मामलों की संख्या देश में बढ़कर 4,421 पहुंच गयी है जबकि 114 लोगों की मौत हुई है। वैश्विक स्तर पर इस वायरस से 13 लाख लोग संक्रमित हैं जबकि 74,000 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

 

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