रेप के मामले में जेल की हवा खा रहे करण ओबेरॉय को जेल से जमानत मिल गई है। साथ ही करण पर रेप और ब्लैकमेलिंग के झूठे आरोप लगाने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब जेल से बाहर आकर करण ने आपबीती सुनाई है।
करण ओबेरॉय ने बताया है कि उनको पहली मंजिल पर एक ऐसे बैरक में रखा गया था, जिसमें 92 कैदी पहले से थे। उस गेट को केवल कुछ समय के लिए खोला जाता था। ताकि अंदर के कैदी कुछ चल फिर सकें।
रोते हुए करण ने कहा कि हमें धूप देखने की भी इजाजत नहीं थी। वहां का टॉयलेट किसी नाले से कम नहीं था। कैदियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। खाना इतना खराब कि उसे कोई नहीं खा सकता था। कई दिनों तक मैं भूखा रहता था।
मैंने जेल में बहुत सारे ऐसे लोगों को देखा जिनके पास कोई समर्थन नहीं था। वह बिना किसी गुनाह के सजा काट रहे थे।अब, मेरा मिशन इन लोगों के लिए लड़ना है। मैं नहीं चाहता कि जो मैंने सहा वो और लोग भी सहें।
उस औरत ने मेरे शांत स्वभाव का फायदा उठाया, मैंने कभी भी उसको शादी का कोई भरोसा नहीं दिया था। अब फिहलाल मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। उस औरत ने मुझ पर जो भी आरोप लगाए वह सभी लगत हैं मैं सभी की पोल खोल दूंगा। कऱण ने बताया कि इस घटना से मेरे माता-पिता टूट गए हैं।