बेलगाम राजा के खिलाफ जन हुंकार के मायने
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: March 31, 2026 05:20 IST2026-03-31T05:20:54+5:302026-03-31T05:20:54+5:30
दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को जब न्यायालय ने गैरकानूनी कहा तो ट्रम्प ने न केवल जजों के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से केवल दुनिया ही परेशान नहीं है बल्कि उनका देश अमेरिका भी अच्छा-खासा परेशान है. नतीजा है कि अमेरिकी लोग ट्रम्प से काफी नाराज हैं और उनके रवैये के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. हालांकि इसके पहले भी दो बार ट्रंप के खिलाफ नो किंग के बैनर तले प्रदर्शन हो चुके हैं लेकिन इस बार का प्रदर्शन ज्यादा सशक्त था. पूरे अमेरिका में एक साथ करीब तीन हजार प्रदर्शन हुए लेकिन मिनेसोटा स्टेट कैपिटल में हुई मुख्य रैली में दो लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी मौजूद थे. लोगों का मानना है कि दुनिया के सबसे मजबूत लोकतांत्रिक देश के राष्ट्रपति का रवैया राजा जैसा है.
और यह सही भी है कि डोनाल्ड ट्रम्प उस बेलगाम राजा जैसा व्यवहार कर रहे हैं जिस राजा के लिए कानून कोई मायने नहीं रखता. हालात ऐसे हो गए हैं कि ट्रम्प उन जजों को शर्मनाक कहने में भी नहीं हिचकते जो कानून का राज स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को जब न्यायालय ने गैरकानूनी कहा तो ट्रम्प ने न केवल जजों के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया.
बल्कि टैरिफ की रक्षा के लिए एक और कानून लेकर आ गए. ईरान पर हमला करने से पहले अमेरिकी सेना के कई अधिकारियों ने ट्रम्प से कहा था कि हमें दोबारा विचार करना चाहिए लेकिन ट्रम्प नहीं माने. विरोध के अन्य स्वर भी उभर रहे थे लेकिन ट्रम्प कहां किसी की परवाह करते हैं?
उनकी नीतियों के खिलाफ नेशनल काउंटर टेररिज्म के निदेशक जो केंट ने इस्तीफा दिया तो ट्रम्प ने अपमानजनक लहजे में कहा कि अच्छा हुआ! यानी ट्रम्प अधिकारियों की भी नहीं सुन रहे हैं. वे केवल वही कर रहे हैं जो उनका दिमाग कह रहा है. और दिमाग की हालत ऐसी है कि कभी यह कह रहा है, कभी वह कह रहा है.
अभी वो एक वाक्य बोलते हैं तो अगले कार्यक्रम में अपनी ही कही बात के खिलाफ बोलने लगते हैं. अमेरिकी जनता यह सब देख रही है और उन्हें लगने लगा हैै कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को अमेरिका का राष्ट्रपति बना दिया है जो वाकई खुद को राजा समझ रहा है. वह यह भी नहीं देख रहा है कि उसकी हरकतों के कारण अमेरिकी जनता का क्या हाल है.
ट्रम्प लाख आंकड़े देते रहें लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका को फिर से महान बनाने का उनका नारा धूल-धूसरित हो चुका है. इस वक्त अमेरिका में तेजी से महंगाई बढ़ रही है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल आ चुका है. अमेरिकी यह देख कर परेशान हैं कि ईरान में बेवजह की लड़ाई में उनके सैनिक हताहत हो रहे हैं. जिस तरह से नो किंग प्रदर्शन के तीसरे दौर में लोगों की संख्या बढ़ी है,
उससे ट्रम्प को चिंतित होना चाहिए लेकिन राजा चिंतित कहां होता है. ट्रम्प ने तो इन प्रदर्शनों को खारिज कर दिया है. ट्रम्प ने कहा है कि वे राजा की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं. वे राजा नहीं हैं लेकिन हकीकत से पूरी दुनिया वाकिफ है. अमेरिकी कभी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि अमेरिका के हितों पर कुठाराघात हो. इसलिए ट्रम्प के लिए आने वाला समय आसान नहीं होगा.