‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: April 7, 2026 07:14 IST2026-04-07T07:14:40+5:302026-04-07T07:14:49+5:30

28 मई 2001 को बनी ‘द शरलॉक होम्स सोसाइटी ऑफ इंडिया’ चर्चा, बहस, केस समीक्षा के अलावा मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली जैसे शहरों में बैठकें भी करती है.

Persian scholar who saved Elements and Sherlock inspired by Euclid | ‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

सुनील सोनी

8वीं-9वीं सदी में यूरोप जब अज्ञान के अंधकार में डूबा था, तब फारस समेत पूरा अरब जगत ज्ञान के प्रकाश से रौशन था. ईसा पूर्व तीसरी सदी में ‘एलिमेंट्स’ यानी गणित की पहली किताब लिखनेवाले यूनानी गणितज्ञ यूक्लिड दरअसल दमिश्क में रहा करते थे. बगदाद के ‘बैत अल हिकमा’ के फारसी विद्वान अबु अल-अब्बास अल-नैरीजी ने यूक्लिड के रेखागणित (ज्यामिति) के सिद्धांत को विस्तार से स्पष्ट और व्यवस्थित किया. इसी से ‘ज्ञानोदय’ के बाद फिर यूरोप पहुंचा गणित दुनिया में आगे बढ़ा.

‘रुबाइयों’ के लिए प्रसिद्ध गणितज्ञ उमर खय्याम ने बीजगणित की सबसे कठिन समस्या घन समीकरण को यूक्लिड के रेखागणित से ही समझा और दुनिया को दिया. ये वही गणित है, जिसके भौतिकीय सिद्धांतों से बम भी बने हैं और ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की सनक में बरस रहे हैं.

यही ‘एलिमेंट्स’ ऑर्थर कॉनन डॉयल के शरलॉक होम्स के यहां केस सुलझाते हैं. उसका तकियाकलाम है : ‘एलिमेंट्री, वॉटसन, एलिमेंट्री’.

यूक्लिड की तरह शरलॉक भी भावना के बजाय तर्क यानी लॉजिकल थिंकिंग से अपराध सुलझाता है. तथ्यों को जोड़ कर, बारीकी से निरीक्षण कर और तर्क की तहें जमाकर नतीजे पर पहुंचता है. डॉयल ने शरलॉक के चरित्र को रचा ही इस तरह कि सभी असंभव भावुक संभावनाएं हटा दी जाएं और तर्कशुद्ध तथ्य आगे बढ़ें. यही गणित का तर्क अपराध की पहेली सुलझाता है.

शरलॉक की खूबी उसे इतना लोकप्रिय बना चुकी है कि वह डॉयल का पात्र नहीं रहा. सौ से अधिक लेखकों ने उसके नाम से नई कहानियां लिखी हैं और लिखते ही जा रहे हैं. पैदा होने के चार साल बाद ही शरलॉक के किरदार की लोकप्रियता इतनी हो गई थी कि डॉयल के करीबी दोस्त और ‘पीटर पैन’ लिखनेवाले जे.एम. बैरी ने 1891 में ‘माई इवनिंग विद शरलॉक होम्स’ लिख डाला. यह सिलसिला कभी नहीं रुका.

शरलॉक को डॉयल के बेटे एड्रियन, जॉन डिक्सन कार, निकोलस मेयर और एंथनी होरोविट्ज़ ने भी अपने तरीके से लिखा. शरलॉक पर डॉयल ने चार उपन्यास और 56 लघुकथाएं लिखीं, पर हर दशक और पीढ़ी में में नए लेखक नए तरीके से शरलॉक को पुनर्जीवित करते रहते हैं. अब तक हजार से भी अधिक नई कहानियां, उपन्यास, रेडियो नाटक, कॉमिक्स, पैरोडी और फैन फिक्शन लिखे जा चुके हैं और लिखे जा रहे हैं. 1932 में शरदेंदु बंदोपाध्याय ने ‘सत्यान्वेषी’ यानी व्योमकेश बक्शी लिखा, जबकि 1965 में सत्यजित राॅय ने ‘फेलुदा.’ चीन में जज बोआ की जासूसी कथाओं की वजह से शरलॉक 1893 में ही लोकप्रिय हो गया. जापान में वह बाद में आया.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्‌स ने 2012 में शरलॉक को फिल्म व टीवी इतिहास में सबसे अधिक चित्रित साहित्यिक मानवीय चरित्र के रूप में दर्ज किया, जिसमें 75 से अधिक अभिनेताओं ने 250 से अधिक भूमिकाएं निभाईं. लोग शरलॉक के लंदन के पते ‘221 बी बेकर स्ट्रीट’ पर चिट्ठियां लिखते रहे हैं, क्योंकि वे उसे असली मानते हैं. दुनियाभर में उसके नाम पर सोसाइटी और फैन क्लब हैं, जहां लोग उसकी कहानियों पर चर्चा करते हैं, शोध करते हैं और उसे ऐतिहासिक शख्सियत की तरह समझने की कोशिश करते हैं.

शरलॉक होम्स के प्रति दीवानगी का अनोखा रूप ‘होम्स सोसाइटीज’ हैं, जिनमें उसके जीवन, केस, शख्सियत पर चर्चा की जाती है.  20वीं सदी की यह परंपरा अब भी जारी है. कॉलेजों, शहरों के अलावा ऑनलाइन कम्युनिटी भी हैं. लोग होम्स के केसों का विश्लेषण करते हैं, उसकी टाइमलाइन बनाते हैं, और बहसें करते हैं कि कौन-सी कहानी किस साल में घटी होगी. इसे ‘शरलॉकियन स्कॉलरशिप’ कहते हैं.

सबसे प्रसिद्ध सोसाइटी अमेरिका में 1934 में स्थापित ‘द बेकर स्ट्रीट इर्रेगुलर्स’ और ब्रिटेन की ‘द शरलॉक होम्स सोसाइटी ऑफ लंदन’ हैं. लंदन सोसाइटी तो ‘221बी बेकर स्ट्रीट की वॉक’, ‘डॉयल स्मृति’ और ‘होम्स कथा कथन’ भी करवाती है. भारत में भी होम्स के प्रशंसक बैठकें, प्रश्नोत्तरी, कथापठन करते हैं. 28 मई 2001 को बनी ‘द शरलॉक होम्स सोसाइटी ऑफ इंडिया’ चर्चा, बहस, केस समीक्षा के अलावा मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली जैसे शहरों में बैठकें भी करती है. साल में दो बार प्रकाशित इसकी ई-मैगजीन ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ पांडिचेरी लॉज’ में शरलॉक की कहानियों पर लेख, विचार व शोध होते हैं.

21वीं सदी में शरलॉक नाटकों, सीरियल, वेबसीरीज, ग्राफिक नॉवेल और वीडियो गेम तक फैल गया है और आधुनिक अपराधों को हल करने में तकनीकी का सहारा भी लेता है. बीबीसी की आधुनिक ‘शरलॉक’ सीरीज में वह ‘हाई-फंक्शनिंग सोशियोपैथ’ है, पर हॉलीवुड में करिश्माई जासूस है. उसकी बहन इनोला पर ही नहीं, माता-पिता पर भी किताबें और वेबसीरीज तक आ रही हैं. गाय रिची की वेबसीरीज ‘यंग शेरलॉक’ में 19 साल का ऑक्सफोर्ड छात्र शरलॉक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश कर रहा है.

Web Title: Persian scholar who saved Elements and Sherlock inspired by Euclid

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