कोरोना काल है जो लगभग एक साल से अधिक समय हो गया तब से चला आ रहा है ,कभी खुशी कभी गम, इस गम और खुशी के बीच में ज़िन्दगी है , जो घर की बाहर भी नज़र रखती है, अब वो आम आदमी हो या ख़ास, कोरोना के डर में भी कोई न कोई रास्ता निकाल ही लिया, और चल दिए मालदीव एक के बाद एक ख़ास लोग नज़र आने लगे उनकी फ़ोटो सोशल मीडिया पर छाने लगी ,जिसको देख कई लोग जलने ही लगे पर सैर करने वालो को कब कौन रोक पाया है .
तो फिर खूबसूरत द्वीपों का समूह है , मालदीव हम भी चले ,जो की भारत के बहुत करीब है, ये हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप देश है. मालदीव में हर साल जाने वाले पर्यटकों का करीब छह फीसदी भारत का है.
आप अगर चाहे तो बहुत कुछ कर सकती हैं जैसे मालदीव का सबसे मशहूर सपोर्ट कयाकिंग आपको बेहतरीन रोमांच से भर देगा . वहाँ का विशाल समुद्र, और आप अपनी नाव में समुद्र में घूमने का आनंद ले सकते हैं , मालदीव्स का सबसे प्रसिद्ध वॉटर स्पोर्ट है स्कूबा डाइविंग है ,स्नोर्कलिंग नीमो रीफ, टर्टल रीफ और कई तरह के रीफ पॉइंट्स तक आप हर दिन स्नोर्कलिंग पर जा सकते हैं,एक सुन्दर दुनिया पानी के अन्दर , स्नोर्कलिंग आपको एक विचित्र एहसास कराएगा .
अगर आपको फिशिंग का शौक है तो आप नाईट फिशिंग पर ज़रूर जाएँ ,रात को यहाँ का नज़ारा शानदार होता है , आसमान और समुन्द्र किनारे बहते ठंडी हवाएँ आपके मन को खुश कर देंगी .
मालदीव एक ऐसी जगह है जो दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है
हम तो यही समझते हैं की , हैदर अली जाफ़री के इस शेर को आप भी समझे
आए ठहरे और रवाना हो गए,
ज़िंदगी क्या है, सफ़र की बात है