गुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 3, 2026 05:18 IST2026-04-03T05:18:18+5:302026-04-03T05:18:18+5:30

Good Friday: गुड फ्राइडे को उस महान बलिदान की स्मृति के रूप में देखा जाता है, जब यीशु मसीह ने मनुष्यों के पापों के प्रायश्चित के लिए स्वयं को मृत्यु के हवाले कर दिया था.

Good Friday God Humanity Cross not only symbol memory sacrifice Jesus Christ call fundamental principles humanity, forgiveness, love sacrifice blog Shweta Goyal | गुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

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Highlightsईसाई मान्यता के अनुसार, यह वही दिन है जब प्रभु यीशु ने मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.   प्रेम, करुणा, क्षमा और सत्य के प्रचारक थे और इन गुणों को अपनाकर समाज को जागरूक बना रहे थे.शांति, एकता और मानवीय मूल्यों के पोषक रहे, जिनकी शिक्षाएं सीमाओं में बंधी नहीं थीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए थीं.

श्वेता गोयल

ईसाई धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है ‘गुड फ्राइडे’, जो न केवल ईसा मसीह के बलिदान की स्मृति का प्रतीक है बल्कि मानवता, क्षमा, प्रेम और त्याग जैसे मूलभूत सिद्धांतों की पुकार भी है. यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब ईसा मसीह को अन्यायपूर्ण ढंग से सूली पर चढ़ा दिया गया था. गुड फ्राइडे, जिसे ‘होली फ्राइडे’, ‘ब्लैक फ्राइडे’ या ‘ग्रेट फ्राइडे’ के नाम से भी जाना जाता है, ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार को मनाया जाता है. ईसाई मान्यता के अनुसार, यह वही दिन है जब प्रभु यीशु ने मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.  

गुड फ्राइडे को उस महान बलिदान की स्मृति के रूप में देखा जाता है, जब यीशु मसीह ने मनुष्यों के पापों के प्रायश्चित के लिए स्वयं को मृत्यु के हवाले कर दिया था. उन्हें केवल इसलिए क्रूस पर लटकाकर मारा गया क्योंकि वे उस समय के धार्मिक अंधविश्वासों, अन्याय और कट्टरपंथ के विरुद्ध आवाज उठा रहे थे. वे प्रेम, करुणा, क्षमा और सत्य के प्रचारक थे और इन गुणों को अपनाकर समाज को जागरूक बना रहे थे.

अपने जीवनकाल में उन्होंने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि सबको सत्य, अहिंसा, परोपकार और सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा दी. वे सदैव शांति, एकता और मानवीय मूल्यों के पोषक रहे, जिनकी शिक्षाएं सीमाओं में बंधी नहीं थीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए थीं.

ईसा मसीह ने अपने जीवन से यह सिद्ध कर दिया कि प्रेम और सत्य की राह पर चलना कठिन हो सकता है लेकिन यही मार्ग सच्चे परिवर्तन का वाहक है. गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईस्टर संडे आता है, जो ईसा मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार सूली पर चढ़ने के तीसरे दिन रविवार को वे पुनः जीवित हो गए थे.

इस दिन को ईसाई समुदाय अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाता है, चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं, प्रभु भोज का आयोजन होता है और यीशु के पुनरुत्थान की कथा का पाठ किया जाता है. माना जाता है कि वे जीवित होकर अपने शिष्यों के साथ चालीस दिनों तक रहे और हजारों लोगों को दर्शन दिए.ईसा मसीह के विचार, शिक्षाएं और बलिदान सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.

वे केवल ईसाइयों के आराध्य नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति के आदर्श हैं जो प्रेम, दया, करुणा, क्षमा और मानवता में विश्वास रखता है. उनके जीवन का प्रत्येक प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्चाई, भलाई और मानव कल्याण की राह चाहे जितनी भी कठिन हो, उस पर चलने से ही सच्चे अर्थों में जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है.

प्रभु यीशु का जीवन संपूर्ण मानव जाति के लिए एक महान शिक्षाशास्त्र है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना दो हजार वर्ष पूर्व था. यही कारण है कि गुड फ्राइडे न केवल एक धर्म विशेष का पर्व है बल्कि मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा का सार्वभौमिक प्रतीक है.

Web Title: Good Friday God Humanity Cross not only symbol memory sacrifice Jesus Christ call fundamental principles humanity, forgiveness, love sacrifice blog Shweta Goyal

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