मधुमेह के उपचार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: March 6, 2026 06:42 IST2026-03-06T06:42:51+5:302026-03-06T06:42:51+5:30

स्टेम सेल थेरेपी के चार चरण होते हैं जिसमें मरीज के परिजनों से पहले स्टेम-सेल लिया जाता है, फिर इन स्टेम-सेल के डीएनए में विशेष रासायनिक जेनेटिक प्रसंस्करण किया जाता है.

Landmark achievement in treatment of diabetes | मधुमेह के उपचार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

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Highlightsचीनी वैज्ञानिकों के नए प्रयोग को रीजेनरेटिव मेडिसिन में नया युग माना जा रहा है. इंसुलिन बनाने वाले इन गुच्छों को मरीज के पैंक्रियाज में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है.हार्ट अटैक, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप का खतरा काफी बढ़ जाता है.

स्टेम-सेल थेरेपी से टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से रिवर्स करने में चीनी वैज्ञानिकों को मिली कामयाबी को अगर दुनिया से मधुमेह के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में अब तक यही कहा जाता था कि यह एक बार हो जाए, तो मरते दम तक साथ नहीं छोड़ती.

इसीलिए चीनी वैज्ञानिकों के नए प्रयोग को रीजेनरेटिव मेडिसिन में नया युग माना जा रहा है. स्टेम सेल थेरेपी के चार चरण होते हैं जिसमें मरीज के परिजनों से पहले स्टेम-सेल लिया जाता है, फिर इन स्टेम-सेल के डीएनए में विशेष रासायनिक जेनेटिक प्रसंस्करण किया जाता है, इसके बाद स्टेम-सेल जब बीटा सेल में तब्दील हो जाती है तो उन्हें साथ विकसित करके स्वस्थ पैंक्रियाटिक ऊतकों का गुच्छा तैयार किया जाता है और अंत में इंसुलिन बनाने वाले इन गुच्छों को मरीज के पैंक्रियाज में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है.

इस थेरेपी का प्रायोगिक परीक्षण सफल रहा है और अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है तो इसमें कोई शक नहीं कि यह दुनिया भर में डायबिटीज के करोड़ों मरीजों के लिए एक स्थायी, व्यक्तिगत और दर्द-मुक्त समाधान साबित होगी. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप का खतरा काफी बढ़ जाता है.

यह अंधापन (डायबिटिक रेटिनोपैथी), मोतियाबिंद या ग्लूकोमा जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है. शुगर का उच्च स्तर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी फेलियर (डायबिटीज नेफ्रोपैथी) की नौबत तक आ सकती है. अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (आईडीएफ) के वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में लगभग 589-590 मिलियन (59 करोड़) लोग मधुमेह से पीड़ित हैं. इसका मतलब है कि वैश्विक आबादी के हर नौ में से एक व्यक्ति  इससे पीड़ित है.

चिंता की बात यह है कि इनमें से आधे (लगभग 252 मिलियन) लोगों को पता ही नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है. परिणामस्वरूप बीमारी के शुरुआती दौर में वे इसे रोकने के लिए एहतियाती कदम उठा ही नहीं पाते और जब तक उन्हें इसका पता चलता है, तब तक यह गंभीर रूप धारण कर चुकी होती है.

लेकिन डायबिटीज के इलाज का कारगर उपाय मिलने का यह मतलब नहीं है कि हम डायबिटीज होने के कारणों को ही नजरंदाज कर, खान-पान में स्वच्छंदता बरतने लगें. अगर हम अपनी जीवनशैली को अनुशासित करना नहीं सीखेंगे तो  एक बीमारी का इलाज भले ही मिल जाए लेकिन दूसरी बीमारी का प्रादुर्भाव होते देर नहीं लगेगी.

Web Title: Landmark achievement in treatment of diabetes

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