ढोंगियों के चक्कर में आखिर क्यों फंसते हैं लोग?
By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: March 20, 2026 07:20 IST2026-03-20T07:20:49+5:302026-03-20T07:20:56+5:30
करात के साथ भी यही हुआ है मगर लोगों के बीच जागृति बहुत जरूरी है कि ऐसे बाबाओं के चक्कर में न फंसें.

ढोंगियों के चक्कर में आखिर क्यों फंसते हैं लोग?
नाशिक पुलिस ने सिन्नर इलाके में अशोक खरात नाम के एक व्यक्ति को यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया है. इस मामले में खास बात यह है कि अशोक खरात ने खुद को ज्योतिष विद्या के विशेषज्ञ के रूप में स्थापित कर रखा था. उसने खुद को इस तरह प्रस्तुत किया था कि लोग उसके झांसे में फंसते चले गए. मगर वास्तव में वह शैतानी प्रवृत्ति का व्यक्ति था. उसने लोगों को भूत-भविष्य बताने की आड़ में यौन शोषण का तरीका निकाल लिया.
शायद वह वर्षों से इस तरह की हरकत कर रहा होगा लेकिन एक महिला ने उसका भांडा फोड़ा और कहा कि खरात ने उसका यौन शोषण किया है. जब पुलिस ने खरात को पकड़ा तो उसके कई कारनामे सामने आ गए. महिलाओं के साथ उसके आपत्तिजनक वीडियो भी पुलिस के हाथ लगे हैं. इतना ही नहीं, खरात के पास से 58 ऐसे वीडियो मिले हैं जिन्हें पॉर्न श्रेणी में रखा जा सकता है. जब जांच-पड़ताल होगी तब पता चलेगा कि ये वीडियोज किन-किन महिलाओं के हैं और खरात ने उन्हें कैसे अपने जाल में फंसाया. यहां सवाल यह पैदा होता है कि आखिर खरात जैसे लोगों के चक्कर में महिलाएं कैसे फंस जाती हैं?
जबकि समय-समय पर इस तरह के फर्जी बाबा और फर्जी ज्योतिषी पकड़े जाते रहे हैं. कई बड़े फर्जी संतों को जेल की हवा भी खानी पड़ी है. कई तो अभी भी जेल में बंद हैं. दरअसल ऐसे फर्जी लोगों के प्रति सामान्य आदमी का आकर्षण तब बढ़ता है जब वह देखता है कि इस बाबा के यहां तो बड़े-बड़े लोग दस्तक देते हैं. इनकी पूजा करते हैं तो कुछ कुछ शक्ति इनमें होगी और वे फंस जाते हैं. यदि अशोक खरात का मामला ही देखें तो एक वीडियो सामने आया है जिसमें राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर उसके पैर धो रही हैं.
यह भी बताया जा रहा है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अपना भविष्य जानने के लिए खरात के पास गए थे! और यह पहला मामला नहीं है. ऐसे ढेर सारे ढोंगी बाबाओं के यहां राजनेताओं का जमघट दिखता रहता है. जब आम आदमी ऐसे लोगों को बाबाओं के चरणों में लोटता हुआ देखता है तो उसे लगता है कि बाबा में कुछ दम जरूर है, अन्यथा ये बड़े लोग उसके पास क्यों आते?
वे इस बात को नहीं समझ पाते कि राजनेता किसी बाबा के पास इसलिए जाते हैं ताकि वे उनके भक्तों को आकर्षित कर सकें और बाबा इन राजनेताओं को अपनी शरण में इसलिए रखते हैं ताकि नेताओं के साथ रसूख की बदौलत प्रशासन को अपनी मुट्ठी में रख सकें.
मगर एक कहावत है कि पाप का घड़ा एक न एक दिन भरता है. कानून के हाथ लंबे होते हैं और बड़े रसूख वाला भी किसी न किसी दिन फंसता जरूर है. करात के साथ भी यही हुआ है मगर लोगों के बीच जागृति बहुत जरूरी है कि ऐसे बाबाओं के चक्कर में न फंसें.
खरात को उसके गुनाह की सजा तो मिलनी ही चाहिए, उसे इस बात की सजा अलग से मिलनी चाहिए कि उसने अपने कुकर्मों से धर्म को कलंकित किया है.