सवाल है सभी वहां कर क्या रहे थे?
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: March 20, 2026 21:14 IST2026-03-20T21:13:46+5:302026-03-20T21:14:36+5:30
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड की यात्रा के लिए खास अनुमति लेनी होती है.

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भारत में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी बवाल का विषय बन गई है. यूक्रेन ने तो ऐसी हायतौबा मचाई है जैसे आसमान फट पड़ा हो! उसका आरोप है कि रूस के कहने पर उसके नागरिकों को जानबूझ कर टारगेट किया गया है! दरअसल इन सभी को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया है लेकिन सब पर आरोप एक जैसे हैं कि उन्होंने बिना अनुमति के मणिपुर और मिजोरम की यात्राएं कीं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड की यात्रा के लिए खास अनुमति लेनी होती है.
न केवल विदेशी बल्कि भारत के लोगों को भी इनर लाइन परमिट की जरूरत होती है. इस परमिट के बगैर इन राज्यों में प्रवेश वर्जित है. जानकारी यह है कि इन लोगों के पास विशेष अनुमति तो थी ही नहीं, इन लोगों ने बॉर्डर पार करके म्यांमार की यात्रा भी की और वहां भारत विरोधी गुटों से संपर्क भी किया. माना यह जा रहा है कि इन सभी का मकसद भारत में विद्रोह फैलाना था.
आपको पता ही है कि मणिपुर पिछले कई साल से अशांत है और इसमें विदेशी हस्तक्षेप के आरोप भी लगते रहे हैं. मणिपुर के कई गुटों ने सशस्त्र बलों के साथ जिस तरह की हिंसक मुठभेड़ की थी, उससे यह लगने लगा था कि विद्रोहियों को कहीं से प्रशिक्षण और हथियार जरूर मिल रहा है.
हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से अभी इन सभी की गिरफ्तारी के कारणों का पूरा खुलासा नहीं किया है लेकिन यह माना जा रहा है कि इन पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की नजर थी. केवल बिना अनुमति इन राज्यों में प्रवेश का मामला होता तो तत्काल उन्हें वापस कर दिया जाता लेकिन इन सभी के बारे में कुछ खुफिया जानकारी पहले ही मिल चुकी थी.
इसलिए एजेंसी ने इन्हें यात्रा करने दी और बॉर्डर क्रास करने दिया, फिर वापस भी आने दिया. जब पूरे प्रमाण एकत्रित हो गए तब गिरफ्तारी हुई. ये सभी उग्रवादी समूहों को ट्रेनिंग देने और उनके लिए ड्रोन की व्यवस्था करने के लिए वहां पहुंचे थे. गिरफ्तार हुए छह यूक्रेनी नागरिकों के बारे में तो ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है लेकिन गिरफ्तार हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक के बारे में जो जानकारी सामने आई है, वह चौंकाने वाली है. वह लीबिया और सीरिया के गृहयुद्ध में वहां की सरकार के खिलाफ विदेशी फाइटर के रूप में शामिल हुआ था.
हाल ही में उसने यूक्रेनी युवाओं को भी ट्रेनिंग दी. वह अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है और खुद को डॉक्युमेंट्री फिल्ममेकर तथा सुरक्षा विश्लेषक बताता है लेकिन वास्तव में वह उपद्रव पैदा करने वाला व्यक्ति है. निश्चित रूप से भारत के मणिपुर और मिजोरम की उसकी यात्रा का कुछ न कुछ खास मकसद रहा होगा लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यहां की खुफिया एजेंसी उसे दबोच लेगी.
यूक्रेन को अब डर सता रहा है कि उसके नागरिकों की कलई खुल गई कि वो भारत में उपद्रव मचाने आए थे तो कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा! और जहां तक हम भारतीयों का सवाल है तो हमें हर पल सतर्क रहना होगा क्योंकि दुनिया की बड़ी ताकतें हमें परेशान करने का हर संभव रास्ता तलाश रही हैं. पूर्वोत्तर भारत पर हमें खास तौर पर नजर रखनी होगी.