मोगा की घटना के पीछे कहीं बड़ी साजिश तो नहीं?
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: February 13, 2026 05:48 IST2026-02-13T05:48:23+5:302026-02-13T05:48:23+5:30
ऐसे में यह आशंका तो पैदा होती ही है कि क्या पंजाब में अप्रवासी मजदूरों पर हमले के माध्यम से माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है?

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पंजाब के मोगा जिले में उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूरों पर हमले की घटना ने निश्चय ही पंजाब सरकार को असहज कर दिया है, क्योंकि यह मामला किसी षड्यंत्र का हिस्सा भी हो सकता है. हालांकि पंजाब सरकार ने किसी षड्यंत्र को लेकर कुछ भी नहीं कहा है मगर संदेह इसलिए पैदा होता है कि मजदूरों पर हमले के ठीक बाद एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए घटना का वीडियो जारी किया गया. इस वीडियो में दो अपराधियों ने मजदूरों पर गोलियां चलाने की जिम्मेदारी ली है और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि होशियारपुर में बच्चे की हत्या के खिलाफ यह कदम उन्होंने उठाया है.
होशियारपुर का मामला पुराना है और उस समय शंका व्यक्त की गई थी कि उस मामले में कोई प्रवासी मजदूर शामिल था. मगर इस समय जिन मजदूरों पर हमले हुए हैं वो तो मोगा में रह रहे थे और वहां की एक कंपनी में काम कर रहे थे. ऐसे में यह आशंका तो पैदा होती ही है कि क्या पंजाब में अप्रवासी मजदूरों पर हमले के माध्यम से माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है?
पंजाब में जब आतंकवाद का दौर था तब आतंकवादियों ने प्रवासी मजदूरों पर काफी हमले किए थे. हालात इतने खराब हो गए कि मजदूरों ने पंजाब जाना ही बंद कर दिया. स्वाभाविक रूप से इसका बुरा असर उद्योपतियों और कारोबारियों पर पड़ा था. मोगा की घटना के बाद अपराधियों ने जो वीडियो जारी किया है,
उसमें भी कहा गया है कि स्थानीय कारोबारियों, कारखाना संचालकों और उद्योगपतियों ने यदि प्रवासी मजदूरों को काम पर रखना जारी रखा तो इससे ज्यादा हिंसा हो सकती है. पंजाब के व्यापार जगत ने इस हमले की निंदा की है और सरकार से कहा है कि यदि इस तरह की हिंसा बढ़ी तो पंजाब की अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान हो सकता है.
इधर अपराधियों का यह बयान ही संदेश दे रहा है कि इस घटना के पीछे कोई मकसद जरूर है. यह मकसद बिहार और उत्तरप्रदेश में पंजाब के खिलाफ माहौल पैदा करने तथा सामाजिक सद्भाव को क्षति पहुंचाने का हो सकता है. इसलिए यह बहुत जरूरी है कि पंजाब सरकार इसे केवल एक घटना के रूप में न ले बल्कि इसके मकसद पर नजर रखते हुए कार्रवाई करे.
हमारा पड़ोसी पाकिस्तान लगातार यह कोशिश कर रहा है कि किसी तरह पंजाब को सुलगाया जाए. हालांकि पंजाब के अमन पसंद नागरिकों की सतर्कता ने आतंकी संगठनों के रास्ते बंद कर रखे हैं लेकिन अभी भी कई आतंकी संगठन विदेशों में बैठ कर पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश में कमी नहीं रख रहे हैं. ऐसी आपराधिक ताकतों को सरकार की सख्ती और हमारी एकजुटता ही परास्त कर सकती है.