नशे के कारोबार पर प्रहार की दिशा में बड़ा कदम 

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: April 1, 2026 05:22 IST2026-04-01T05:22:24+5:302026-04-01T05:22:24+5:30

Maharashtra: मुंबई कस्टम्स जोन-3 ने नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 1079 करोड़ रुपए कीमत के एनडीपीएस ड्रग्स को नष्ट किया है.

Maharashtra major step towards attacking drug trade Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis | नशे के कारोबार पर प्रहार की दिशा में बड़ा कदम 

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Highlightsदेशभर में ड्रग्स तस्करों ने अपना जो जाल फैलाया है.ऐसा भी नहीं कि यह घोषणा यूं ही कर दी गई हो.करीब 25 लाख लोग गंभीर लत से पीड़ित हैं.

Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की यह घोषणा निश्चित रूप से बेहद सराहनीय है कि राज्य के महाविद्यालयीन परिसरों को पूरी तरह से ड्रग्समुक्त बनाया जाएगा, इसके लिए पुलिस महानिदेशक स्तर पर नई रणनीति तैयार की जा रही है और शैक्षणिक संस्थानों में नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अभी दो दिन पहले ही खबर आई थी कि मुंबई कस्टम्स जोन-3 ने नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 1079 करोड़ रुपए कीमत के एनडीपीएस ड्रग्स को नष्ट किया है.

दरअसल पिछले कुछ वर्षों में सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में ड्रग्स तस्करों ने अपना जो जाल फैलाया है, वह बेहद चिंताजनक है. ऐसा भी नहीं है कि सरकार को इसकी जानकारी नहीं है या वह इस बारे में कुछ कर नहीं रही है. केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2020 को ही नशामुक्त भारत अभियान की घोषणा कर दी थी. ऐसा भी नहीं कि यह घोषणा यूं ही कर दी गई हो.

इसके पहले वर्ष 2018 में एक सर्वेक्षण किया गया जिसकी रिपोर्ट 2019 में आई और निष्कर्ष चौंकाने वाले थे. पता चला कि 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं जिनमें से 5.7 करोड़ से ज्यादा लोग गंभीर स्थिति में हैं. दूसरे स्थान पर भांग है जिसका सेवन करीब 3.1 करोड़ लोग करते हैं. करीब 25 लाख लोग गंभीर लत से पीड़ित हैं.

लगभग 2.26 करोड़ लोग अफीम खाते हैं जिनमें 77 लाख लोग गंभीर हालत में हैं. करीब 8.5 लाख लोग नसों में इंजेक्शन के माध्यम से नशीली दवाएं लेते हैं. इतना ही नहीं, सूंघ कर नशा करने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है. इस रिपोर्ट के आधार पर ही योजना बनी और नशे के सौदागरों की नकेल कसने का काम प्रारंभ हुआ.

हालांकि ड्रग्स तस्करों का सफाया करना इतना आसान काम नहीं है, क्योंकि सीमा पार की ताकतों का वरदहस्त उन्हें प्राप्त है. फिर भी सरकार पूरी शक्ति से उन पर प्रहार करने में जुटी हुई है और भारत की जेलों में करीब 16 हजार ड्रग्स तस्कर बंद हैं. ये तस्कर बांग्लादेश, फिलीपींस, घाना, म्यांमार, मलेशिया और नाइजीरिया जैसे देशों से हैं, जिन्हें डिपोर्ट करने का काम प्रारंभ हो चुका है.

इस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह ड्रग्स माफिया का काम तमाम करने में जुटे ही हुए हैं, राज्य स्तर पर अब महाविद्यालयीन परिसरों को पूरी तरह से ड्रग्समुक्त बनाए जाने की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा भी युवाओं को ड्रग्स के चंगुल से बचाने की दिशा में भारी उम्मीद जगाने वाली है. युवा ही किसी भी देश का भविष्य होते हैं इसलिए उन्हें ड्रग्स के गर्त में गिरने से बचाना किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी ही चाहिए. 

Web Title: Maharashtra major step towards attacking drug trade Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis

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