सवाल है कि सिस्टम ने आंखें क्यों मूंद रखी थीं ?

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: April 4, 2026 07:28 IST2026-04-04T07:27:24+5:302026-04-04T07:28:02+5:30

खरात बेखौफ खेल करता रहा क्योंकि उसे भरोसा था कि जिन लोगों के साथ उसके संबंध हैं, वे उसे बचा लेंगे.

impostor baba ashok kharat question is why did the system turn a blind eye | सवाल है कि सिस्टम ने आंखें क्यों मूंद रखी थीं ?

सवाल है कि सिस्टम ने आंखें क्यों मूंद रखी थीं ?

दुष्कर्म के आरोपी और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामे एक-एक कर सामने आने लगे हैं. पुलिस ने बड़ी तत्परता के साथ जांच की है और उसके खिलाफ प्रमाण एकत्रित भी किए जा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि जब अशोक खरात अपना मायाजाल फैला रहा था तब प्रशासनिक सिस्टम क्या कर रहा था? उसने एक से एक खेल किए और सिस्टम अनभिज्ञ रहा तो इसका मतलब बहुत साफ है. या तो सिस्टम नाकारा साबित हुआ या फिर खरात का दबदबा या यूं कहें कि खौफ ऐसा था कि कोई अधिकारी उसके कारनामों को सार्वजनिक करने या उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं कर पाया! अब खबर निकल कर सामने आई है कि महाराष्ट्र की दो सहकारी ऋण समितियों में खरात ने अलग-अलग नामों से 130 से ज्यादा खाते खुलवाए. इन खातों में पिछले कुछ वर्षों में 62.74 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन हुए. इनमें एक खाता महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन के नाम पर भी खोला गया था. अब जरा सोचिए कि जिन दो सहकारी ऋण समितियों में 130 खाते खोले गए और धड़ल्ले से लेन-देन चल रहा था तो समितियों के पदाधिकारियों को कोई शंका क्यों नहीं हुई? केवल एक सहकारी ऋण समिति में ही 60 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन हुए.

इस पूरे प्रसंग में यह साफ लग रहा है कि सिस्टम ने आंखें मूंद रखी थीं अन्यथा कम्प्यूटर के इस युग में हर एक लेन-देन दर्ज रहता है! यह आशंका स्वाभाविक है कि अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी थीं. खरात बेखौफ खेल करता रहा क्योंकि उसे भरोसा था कि जिन लोगों के साथ उसके संबंध हैं, वे उसे बचा लेंगे.

मगर क्या यह सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए कि जून 2022 में जब विकास दिवटे नाम के व्यक्ति ने आत्महत्या की थी तो उसके सुसाइड नोट में क्या वाकई खरात का नाम था? मृतक के भाई का कहना है कि खरात का नाम सुसाइड नोट में था लेकिन पुलिस चार्जशीट में उसका नाम गायब हो गया.

सवाल है कि खरात को किसने क्लीन चिट दी? जांच इन सारी बातों की भी होनी चाहिए और न केवल खरात बल्कि उसके साम्राज्य को बढ़ाने और उसे प्रश्रय देने वालों को भी कानून के घेरे में लाया जाना चाहिए चाहे वो कोई नेता हो या फिर अधिकारी. जब तक कानून सख्ती से पेश नहीं आएगा तब तक खरात जैसे लोग पैदा होते रहेंगे.

Web Title: impostor baba ashok kharat question is why did the system turn a blind eye

क्राइम अलर्ट से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे