US Iran Israel War: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच पिछले दस दिनों से जारी युद्ध के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं और इसी के चलते देश-दुनिया में कच्चे तेल समेत रसोई गैस का संकट गहराने लगा है. चूंकि भारत की सबसे ज्यादा एलपीजी गैस कतर से आती है और खाड़ी के इस देश ने सप्लाई बंद कर दी है, इसलिए हमारे देश में भी रसोई गैस की किल्लत होने की आशंका जताई जाने लगी है. पिछले दिनों घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपए की और व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमत में 114 रुपए की वृद्धि की गई है.
हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू जरूरतों के लिए एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहेगी, फिर भी सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने गैस बुकिंग का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. साथ ही घरेलू एलपीजी को बचाने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को ज्यादा प्रोडक्शन करने के ऑर्डर भी दिए हैं.
चूंकि देश में एलपीजी गैस की कुल खपत का 60 प्रतिशत विदेशों- मुख्य रूप से मध्य-पूर्व के देशों- से आयात किया जाता है और युद्ध के चलते यह आयात फिलहाल ठप है, इसलिए जाहिर है कि गैस आपूर्ति पर असर तो पड़ेगा ही. इसीलिए सरकार ने एलपीजी गैस आपूर्ति पर एस्मा (आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) लागू कर दिया है.
यह एक ऐसा कानून है जिसका उपयोग सरकार आवश्यक सेवाओं (जैसे रसोई गैस, पानी, बिजली) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करती है और इसका उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है. जाहिर है कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रखने और जमाखोरी रोकने के लिए इस तरह के उपाय जरूरी हैं.
लेकिन घरेलू आपूर्ति अबाधित रखने के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग ठप कर दी गई है, जिससे होटलों और रेस्टारेंटों पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में इस संकट का असर स्पष्ट दिखने लगा है. मुंबई में लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट्स पहले ही बंद हो चुके हैं और स्थिति नहीं सुधरने पर अगले 2-3 दिनों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी गैस आपूर्ति रुकने के कारण होटल बंद करने की चेतावनी दी है.
जाहिर है कि इसका असर भी आम आदमी पर ही पड़ेगा, क्योंकि पढ़ाई और रोजगार के सिलसिले में सभी बड़े शहरों में लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचते हैं. इसलिए गैस वितरण में संतुलन साधने की जरूरत है ताकि न तो घरेलू आपूर्ति प्रभावित हो और न होटलों पर ही बंद होने की नौबत आए.