लाइव न्यूज़ :

अश्विनी महाजन का ब्लॉग: हाउसिंग क्षेत्र को मिल रही है नई जान

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: March 10, 2021 13:18 IST

केंद्र सरकार ने रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टों को वापस पटरी पर लाने के लिए ‘स्पेशल विंडो फॉर एफोर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिंग’ (स्वामीएच) योजना शुरू किया है.

Open in App

पिछले लंबे समय से भारत का रियल इस्टेट क्षेत्र भारी संकट से गुजर रहा है. जहां एक ओर पूर्व में तैयार आवास खरीददार न होने के कारण बिना बिके खाली पड़े हैं, तो दूसरी ओर हजारों की संख्या में हाउसिंग प्रोजेक्ट बिल्डरों के पास धनाभाव के कारण अधूरे पड़े हैं.

सबसे कष्ट का विषय यह है कि कुछ समय पूर्व तक इस समस्या का कोई कारगर उपाय भी दिखाई नहीं दे रहा था. ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा इन रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टों को दुबारा शुरू करवाने के कई प्रयास हो रहे हैं.

सरकार ने रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टों को वापस पटरी पर लाने हेतु एक अत्यंत सुविचारित योजना के तहत प्रयास प्रारंभ किए. इस योजना का नाम है ‘स्पेशल विंडो फॉर एफोर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिंग’ (स्वामीएच).

इस योजना के तहत 25 हजार करोड़ रुपए का एक निवेश फंड स्थापित किया गया, जिसमें ‘रेरा’ में रजिस्टर्ड सस्ते आवासों एवं मध्यम आयवर्ग की आवासीय परियोजनाओं, जो धन के अभाव में रुकी हुई थीं, उसको पूरा करने का प्रावधान रखा गया.

यह फंड सिक्योरिटी एवं एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी ‘सेबी’ के साथ रजिस्टर्ड किया गया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कैप वेंचर्स को इसका संचालक बनया गया है, जो एसबीआई कैप्टिल मार्केट्स के अंतर्गत आती है और जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्वामित्व में है. इस फंड को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के द्वारा प्रायोजित किया गया है.

अभी तक एक लाख से ज्यादा हाउसिंग इकाइयों को पूर्ण करने के उद्देश्य से 165 परियोजनाओं को इस फंड के तहत अनुमति दी जा चुकी है. इनमें से 55 प्रोजेक्टों को अंतिम अनुमति भी मिल गई है. मार्च 2022 तक 6 हजार हाउसिंग इकाइयों को पूरा करने की तैयारी चल रही है.

‘स्वामीएच’ का उद्देश्य 1500 रूके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टों को मदद देने का है, इसमें वो प्रोजेक्ट भी शामिल हैं जिन्हें नॉन परफॉरमिंग एस्सेट (एनपीए) घोषित किया जा चुका है अथवा जिन पर दिवालिया होने की कार्रवाई भी चल रही है. इस फंड के 14 निवेशक हैं, जिसमें 50 प्रतिशत भागीदारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की है और एलआईसी और स्टेट बैंक की 10-10 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

अनुमान है कि देश में कुल 4.5 लाख आवासीय इकाइयों वाले 1600 प्रोजेक्ट रूके हुए हैं, जिनमें से अधिकांश मुंबई मेट्रोपोलिटन रिजन (41 प्रतिशत) और एनसीआर (24 प्रतिशत) के हैं.

इस योजना के पूर्ण होने पर यदि 4.5 लाख रुकी हुई आवासीय इकाइयों को पूर्ण करने में सफलता मिलती है तो अनुमानत: 2 लाख करोड़ रुपए के मृत निवेश पुनर्जीवित कर, अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाना संभव हो सकेगा.

टॅग्स :नरेंद्र मोदीभारतस्टेट बैंक ऑफ इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित