BPSC टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना पुलिस ने किया लाठीचार्ज

By एस पी सिन्हा | Updated: May 8, 2026 22:16 IST2026-05-08T22:16:20+5:302026-05-08T22:16:20+5:30

गुस्साए अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को उग्र होता देख उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया। कई छात्र इसमें घायल हुए हैं। इसके साथ ही कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है।

Patna Police carried out a lathi-charge on teacher aspirants who had taken to the streets of Patna to demand the issuance of the BPSC TRE-4 advertisement. | BPSC टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना पुलिस ने किया लाठीचार्ज

BPSC टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना पुलिस ने लाठीचार्ज किया। दरअसल, बीपीसीएससी टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग भी की गई थी। लेकिन गुस्साए अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को उग्र होता देख उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया। कई छात्र इसमें घायल हुए हैं। इसके साथ ही कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है।

बता दें कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में टीआई-4 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि सरकार जल्द टीआई-4 की वैकेंसी जारी करे। प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। 

इसी दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में करीब पांच हजार अभ्यर्थी शामिल थे। लाठीचार्ज के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सड़कों पर अभ्यर्थियों की चप्पलें और सामान बिखरे दिखाई दिए। कई अभ्यर्थियों के घायल होने की बात सामने आई है। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक अभ्यर्थी के कपड़े खून से सने हुए थे, जबकि कुछ छात्राओं के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगे हैं। इस बीच प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने निकले थे। 

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता दिलीप ने यह भी कहा कि बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बने हैं। युवाओं के लिए उन्हें काम करना चाहिए। बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक की ओर से 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट में यह दावा किया गया था कि बीपीएससी टीआरई-4 का विज्ञापन तीन से चार दिनों में जारी कर दिया जाएगा। लेकिन आज 8 मई हो चुका है और अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। सिर्फ अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया जा रहा है और उन्हें बरगलाया जा रहा।

उल्लेखनीय है कि बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को विभाग की जिम्मेवारी संभाले हैं। ऐसे में मंत्री बनते ही अभ्यर्थियों का प्रदर्शन कहीं ने कहीं मिथिलेश तिवारी के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। बीपीएससी टीआई-4 के तहत लगभग 46 हजार 595 पदों पर भर्ती होने वाली है। लेकिन अब तक विज्ञापन नहीं निकाले जाने की वजह अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे।

Web Title: Patna Police carried out a lathi-charge on teacher aspirants who had taken to the streets of Patna to demand the issuance of the BPSC TRE-4 advertisement.

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