US Pres' trump take on India banning 59 Chinese app actions only confirm true nature of Chinese Communist Party | भारत में 59 चाइनीज ऐप बैन होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या है रुख, प्रेस सचिव ने बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

Highlightsचीनी 59 ऐप पर रोक लगाने के एक दिन बाद चीन ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की थी। भारत के 59 चीनी ऐप पर बैन लगाने के कदम का अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ स्वागत किया है। भारत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी कानून धारा 69ए और नियमों के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन चीनी 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। 

वाशिंगटन: भारत के 59 चीनी ऐप बैन लगाने के कदम का अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने स्वागत किया था। इसी बीच व्हाइट हाउस के किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस सचिव, कायले मैकनी के मुताबिक भारत द्वारा 59 चीनी ऐप के बैन करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत का यह कदम चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के वास्तविक स्वरूप की पुष्टि करता है। कायले मैकनी ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत-चीन सीमा विवाद पर चीन का आक्रामक रुख दुनिया के अन्य हिस्सों में चीनी आक्रामकता के एक बड़े पैटर्न के साथ फिट बैठता है। 

कायले मैकनी ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप भारत और चीन के विवाद से जुड़ी हर स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत और चीन दोनों ने डी-एस्केलेट करने की इच्छा व्यक्त की है। हम मौजूदा स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने भारत के 59 चीनी ऐप बैन करने का किया स्वागत

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने बुधवार (1 जुलाई) को कहा है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की निर्दयता का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उन्होंने कहा, 'हम कुछ मोबाइल ऐप पर बैन लगाने के भारत के कदम का स्वागत करते हैं।'

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ (फाइल फोटो)
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ (फाइल फोटो)

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने इन ऐप को  CCP के सर्विलांस का अंग बताते हुए कहा, भारत के ऐप के सफाए के कदम से भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा जैसा भारत की सरकार ने खुद भी कहा है।

जानिए चीन ने भारत के 59 ऐप बैन पर क्या प्रतिक्रिया दी है? 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने 30 जून को भारत में चीनी एप पर रोक के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, चीन भारत द्वारा जारी नोटिस से अत्यधिक चिंतित हैं। हम स्थिति की जांच और पुष्टि कर रहे हैं।

 उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि चीनी सरकार हमेशा अपने कारोबारियों से विदेश में अंतरराष्ट्रीय नियमों, स्थानीय कानूनों और विनियमनों का पालन करने के लिए कहती है। लिजियान ने कहा, भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि वह चीनी सहित सभी बाहरी निवेशकों के वैध और कानूनी अधिकारों की रक्षा करे।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा, संबंधित ऐप के भारत में बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता हैं और ये ऐप सख्ती से भारतीय कानूनों और नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं, और भारतीय उपभोक्ताओं, रचनाकारों और उद्यमियों को बेहतरीन और तेज सेवाएं प्रदान करते रहे हैं।

 जी ने कहा कि प्रतिबंधों से न केवल इन ऐप के स्थानीय भारतीय कामगारों के रोजगार पर असर पड़ेगा, बल्कि भारतीय उपयोगकर्ताओं के हितों और कई रचनाकारों तथा उद्यमियों के रोजगार और आजीविका भी प्रभावित होगी। 

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन और भारत के बीच व्यावहारिक सहयोग में वास्तव में दोनों का फायदा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से नुकसान होगा और यह भारतीय पक्ष के हित में नहीं है।

Web Title: US Pres' trump take on India banning 59 Chinese app actions only confirm true nature of Chinese Communist Party
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