पेगासस स्पाईवेयर: इजराइल ने साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ के दफ्तर पर मारा छापा, जानें पूरा मामला

By सतीश कुमार सिंह | Published: July 29, 2021 08:44 PM2021-07-29T20:44:46+5:302021-07-30T15:59:13+5:30

इजराइल ने एनएसओ ग्रुप के निगरानी सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग के आरोपों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है और ‘‘लाइसेंस देने के पूरे मामले की समीक्षा’’ का संकेत दिया है।

Project Pegasus Israel government raids NSO offices revelations consortium of media organisations | पेगासस स्पाईवेयर: इजराइल ने साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ के दफ्तर पर मारा छापा, जानें पूरा मामला

नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों समेत अन्य लोगों को निशाना बनाया गया।

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Highlightsकंपनी इजरायली अधिकारियों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर रही है।300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को पेगासस स्पाइवेयर के जरिए निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया।जासूसी करने के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर के कथित इस्तेमाल ने गोपनीयता से संबंधित मुद्दों पर चिंता पैदा कर दी है।

यरुशलमः पेगासस जासूसी कांड में एनएसओ समूह के खिलाफ गलत काम करने के आरोपों की इजराइल ने जांच शुरू कर दी है। कई सरकारों द्वारा इसके स्पाईवेयर के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर अधिकारियों ने साइबरसिक्योरिटी कंपनी के कार्यालय की जांच की।

कई निकायों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को एनएसओ कार्यालय का दौरा कर इस सिलसिले में लगाए गए आरोपों की जांच की। यह जानकारी इजराइल के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी। विस्तृत जानकारी मांगने पर उन्होंने ‘पीटीआई’ से कहा कि ‘‘इस वक्त हम विस्तार से जानकारी नहीं दे रहे हैं।’’

स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि जो निकाय जांच कर रहे हैं उनमें रक्षा मंत्रालय का निर्यात नियंत्रण संभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् है जिसे जरूरत पड़ने पर जांच के लिए अधिकृत किया गया है। खबरों के मुताबिक जांच का केंद्र यह है कि क्या कंपनी ने रक्षा मंत्रालय के निर्यात नियंत्रण विभाग द्वारा दिए गए परमिट एवं शक्तियों के मुताबिक काम किया।

पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भारत सहित कई देशों में पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, नेताओं एवं अन्य की जासूसी करने के आरोपों से निजता से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता उभरी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों के खिलाफ स्पाईवेयर के इस्तेमाल की खबरों के बीच इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गांत्ज ने बुधवार को पेरिस का दौरा किया ओर अपने फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली को आश्वासन दिया कि यरूशलम मुद्दे को ‘‘गंभीरता’’ से ले रहा है।

गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को पेगासस स्पाइवेयर के जरिए निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया। कंपनी ने यह भी कहा कि वह तकनीक का संचालन नहीं करती है और न ही उसके पास अपने ग्राहकों द्वारा एकत्र किए गए डेटा तक पहुंच है।

भारत समेत कई देशों में पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, नेताओं और अन्य लोगों की जासूसी करने के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर के कथित इस्तेमाल ने गोपनीयता से संबंधित मुद्दों पर चिंता पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ के मुताबिक इजराइली कंपनी द्वारा विभिन्न सरकारों को बेचे गए स्पाईवेयर के जरिए नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों समेत अन्य लोगों को निशाना बनाया गया।

Web Title: Project Pegasus Israel government raids NSO offices revelations consortium of media organisations

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