Johnson & Johnson is pausing all dosing in its coronavirus vaccine trials due to an unexplained illness | Johnson & Johnson ने तीसरे चरण में रोका कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, बताई ये वजह
ट्रायल में हिस्सा ले रहे एक शख्स में किसी तरह की बीमारी होने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने फिलहाल अपनी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया है।

Highlightsजॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी है। जॉनसन एंड जॉनसन ने जनवरी में एडी26 सार्स-सीओवी-2 पर जनवरी में काम करना शुरू किया था।

यरूशलम: दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस के प्रकोप में हर किसी को इसके वैक्सीन बनने का इंतजार है। इस बीच एक झटका देने वाली खबरसामने आई है। दरअसल, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी है। ट्रायल में हिस्सा ले रहे एक शख्स में किसी तरह की बीमारी होने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने फिलहाल अपनी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया है।

न्यू जर्सी कंपनी न्यू ब्रंसविक के एक प्रवक्ता जेक सरजेंट ने हेल्थ केयर न्यूज मुहैया कराने वाली एजेंसी STAT की रिपोर्ट को सही बताया और कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वायरस की वैक्सीन पर जारी ट्रायल को रोक दिया गया है। बता दें कि जॉनसन एंड जॉनसन ने जनवरी में एडी26 सार्स-सीओवी-2 पर जनवरी में काम करना शुरू किया था। इस टीके के लिए ईबोला के संभावित टीके को विकसित करने वाली प्रौद्योगिकी का ही इस्तेमाल किया जा रहा था। 

अंतिम चरण में था परिक्षण 

मालूम हो कि जॉनसन एंड जॉनसन ने जब इस वैक्सीन के अंतिम चरण के परीक्षण को शुरू किया था, तब कंपनी ने कहा था कि इसके तहत अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, मैक्सिको और पेरू में 60 हजार लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा। जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगने की खबर ऐसे वक्त में आई है, जब इससे पहले एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी गई थी। 

वैक्सीन बनाने की रेस में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सबसे आगे चल रही थी, मगर बीते दिनों कुछ वालंटियर की कोविशील्ड टीका लेने के बाद हालत बिगड़ने पर तीसरे चरण के परीक्षण छह सितंबर को रोकने पड़े थे। हालांकि, ब्रिटेन और भारत में दोबारा शुरू हो चुके हैं। जबकि, अमेरिका या अन्य देशों ने अभी दोबारा मंजूरी नहीं दी। 

चूहों में कोरोना वायरस संक्रमण रोकने में सफल रहा था जॉनसन एंड जॉनसन

बीते दिनों जॉनसन एंड जॉनसन के साथ साझेदारी में विकसित कोविड-19 टीके के परीक्षण में पाया गया कि उससे ऐसे एंटीबॉडी बने जिनसे चूहों को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सका। नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार इस टीके ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाया और उन्हें निमोनिया जैसे अनेक रोगों तथा मौत से बचाया जा सका। जॉनसन एंड जॉनसन तथा बर्थ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर (बीआईडीएमसी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके में सामान्य सर्दी जुखाम के वायरस ‘एडिनोवायरस सीरोटाइप 26’ (एडी26) का इस्तेमाल किया गया है।

Web Title: Johnson & Johnson is pausing all dosing in its coronavirus vaccine trials due to an unexplained illness
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