coronavirus vaccine developed in China shows promising results in early trials | चीन की Covid-19 वैक्सीन का दिखा जोरदार असर, विशेषज्ञों ने माना सुरक्षित, 100 लोगों पर ट्रायल पूरा.. जानें क्या आया रिजल्ट
कोरोना वायरस से जंग में 'सुरक्षित' मानी गई चीन की वैक्‍सीन।

Highlightsअमेरिकी दवा निर्माता कंपनी मोडेर्ना द्वारा तैयार की गई वैक्सीन के फेज़-1 ट्रायल के सफल होने के बाद चीन से भी अच्छी खबर आई है।विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि चीन में विकसित कई गई वैक्सीन सुरक्षित है और यह लोगों को कोरोना वायरस से बचाने में कारगर साबित हो सकती है।

पेइचिंग। अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी मोडेर्ना द्वारा तैयार की गई वैक्सीन के फेज़-1 ट्रायल के सफल होने के बाद चीन से भी अच्छी खबर आई है। विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि चीन में विकसित कई गई वैक्सीन सुरक्षित है और यह लोगों को कोरोना वायरस से बचाने में कारगर साबित हो सकती है। न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक शुरुआती ट्रायल में वैक्सीन के एक ही डोज से लोगों का इम्‍यून स‍िस्‍टम मजबूत हुआ है।

ट्रायाल के दौरान सामने आए नतीजों में पता चला कि वैक्सीन के डोज से लोगों का इम्‍यून स‍िस्‍टम तो मजबूत हुआ लेकिन एंटीबॉडी का स्‍तर उतना नहीं था जिससे, वायरस को पूरी तरह से खत्‍म किया जा सके। वैज्ञानिकों ने पाया कि वैक्‍सीन की वजह से टी सेल (इम्यून सेल) दो हफ्तों में मजबूत हुए जो कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं। वहीं, इम्यूनिटी को बढ़ाने शरीर में बनने वाले एंटीबॉडी, वैक्सीन देने के 28 दिन बाद तैयार हुए। वैक्सीन का ट्रायल 18 से 60 की उम्र के 108 लोगों पर किया गया है।   

चीन की कोरोना वायरस वैक्‍सीन Ad5 का 108 वॉलंटिअर्स पर इंसानी ट्रायल अब पूरा हो गया है। ट्रायल पूरा होने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि इस वैक्‍सीन ने इंसान के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुरक्षित तरीके से बढ़ाया, लेकिन यह कोविड-19 वायरस को पूरी तरह से खत्‍म नहीं कर सकी। उन्‍होंने कहा क‍ि मरीजों के अंदर एंटीबॉडी पैदा होना एक अच्‍छा संकेत है।

विशेषज्ञों ने कहा कि परीक्षण से यह साबित हुआ है कि यह चीनी वैक्‍सीन संक्रमण से बचा सकती है लेकिन निश्चित रूप से कहना अभी जल्‍दीबाजी होगी। चीन की इस वैक्‍सीन को कैंसिनो ने बनाया है। इस साल की शुरुआत में इस वैक्‍सीन का परीक्षण शुरू हुआ था। इस कंपनी ने ब्रिटेन के ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिका के मोडेर्ना के परीक्षण से काफी पहले ही अपना परीक्षण शुरू कर दिया था।

वैक्‍सीन के कुछ साइड इफेक्‍ट भी देखे गए। मरीजों के अंदर दर्द, मांसपेशियों में दर्द और बुखार देखा गया। लेकिन 28 दिनों के अंदर ये लक्षण कम हो गए। किसी भी मरीज के अंदर गंभीर या जानलेवा लक्षण नहीं देखे गए। डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की Ad5 कोरोना वायरस वैक्‍सीन दुनिया में सबसे आगे चल रही कोरोना वायरस वैक्‍सीन में शामिल है।

Web Title: coronavirus vaccine developed in China shows promising results in early trials
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