economic crisis in india social media slams modi govt twitter trend #EconomyGoneBJPMaun | मंदी की मार पर फूटा लोगों का गुस्सा, ट्विटर पर #EconomyGoneBJPMaun के साथ मोदी सरकार की हुई किरकिरी
तस्वीर स्त्रोत- ट्विटर

Highlightsसीईए ने कहा है, ‘‘1991 से हम बाजार अर्थव्यवस्था हैं। बाजार अर्थव्यवस्था में ये क्षेत्र कभी ऊपर चढ़ते हैं, कभी नीचे आते हैं।’’सोशल मीडिया पर लोग नरेन्द्र मोदी की केन्द्र सरकार की मंदी के लिए आलोचना कर रहे हैं।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने देश में चल रहे मंदी के दौर पर कहा है कि वित्तीय क्षेत्र में दबाव अप्रत्याशित है। राजीव कुमार ने कहा, किसी ने भी पिछले 70 साल में ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया जब पूरी वित्तीय प्रणाली में जोखिम है। नीति आयोग ने नरेन्द्र मोदी की सरकार को सलाह दी है कि वो ऐसे कदम उठाये जिससे निजी क्षेत्र की कंपनियों की आशंकाओं को दूर किया जा सके और वे निवेश के लिये प्रोत्साहित हों। मंदी की मार का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है। ट्विटर पर #EconomyGoneBJPMaun ट्रेंड कर रहा है। 

ट्विटर पर #EconomyGoneBJPMaun के साथ लोग बीजेपी की केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि देश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है और बीजेपी चुप्पी साधे हुई है। इस हैशटैग को कांग्रेस ने ट्रेंड करवाया है। कांग्रेस ने हैशटैग के साथ कहा है कि एशिया में रुपया सबसे कमजोर है। 

कांग्रेस ने हैशटैग के साथ  ParleG में आई आर्थिक मंदी का भी जिक्र किया है। कांग्रेस ने लिखा है कि इस बिस्किट कंपनी में इतनी मंदी है कि कंपनी को दस हजार लोगों को निकालना पड़ा। 

आप भी देखें लोगों की प्रतिक्रिया 

जानें देश में आर्थिक मंदी पर किसने क्या-क्या कहा? 

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा, उद्योग को वित्तीय प्रोत्साहन नैतिक दिक्कतें पैदा करेगा

मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के वी सुब्रमण्यम ने भारतीय उद्योग को प्रोत्साहन पैकेज को लेकर संशय जताते हुए कहा है कि इस तरह के कदम से ‘नैतिक दिक्कतें’ पैदा होंगी और यह बाजार अर्थव्यवस्था के लिए ‘अभिशाप’ होगा। सुब्रमण्यम का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सुस्ती के बीच उद्योग जगत सरकार से प्रोत्साहन पैकेज की मांग कर रहा है।

देश में आर्थिक मंदी का खतरा, केन्द्र इसे गंभीरता से ले : मायावती

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कहा कि देश में आर्थिक मंदी है और केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ''देश में व्यापक बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, अशिक्षा, तनाव/हिंसा आदि की चिन्ताओं के बीच अब आर्थिक मन्दी का खतरा है, जिससे देश पीड़ित है। व्यापारी वर्ग भी काफी दुःखी व परेशान है। छंटनी आदि के उपायों के बाद वे आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

सरकार के संवेदनहीन रवैये से अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर पहुंची : राहुल गांधी 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने जल्दबाजी में जीएसटी लागू कर और नोटबंदी जैसे कदम उठाकर संवेदनहीन रवैया अपनाया जिससे देश की अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर पहुंच गई है। गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए ट्वीट कर कहा, ‘‘नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदम मोदी सरकार की अकुशलता और सोच की कमी के सटीक उदाहरण हैं। उसके संवेदनहीन रवैये ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मंदी के कगार पर ला खड़ा किया है।’’


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